पंजाब के तरन तारन जिले में पाकिस्तान के ISI नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यहाँ पंजवड़ खुर्द गाँव से हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक का जखीरा बरामद किया गया है। जाँच में मलेशिया से फंडिंग का भी खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई शंभू रेलवे ट्रैक पर IED ब्लास्ट के तहत की गई, जिसमें पाकिस्तान और खालिस्तान का कनेक्शन सामने आया है।
शंभू ट्रैक ब्लास्ट के बाद हुआ खुलासा
दरअसल, 27 अप्रैल 2026 की रात पटियाला जिले के शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर IED ब्लास्ट की घटना सामने आई, इसमें जगरूप सिंह नाम के व्यक्ति की मौत हो गई। मामले में प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह बग्गा, सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह समेत 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
जाँच में सामने आया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी जो पाकिस्तान और खालिस्तानी मॉड्यूल द्वारा रची गई थी। आरोपितों के पास से हथियार और गोला-बारूद पकड़े गए, जो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने भेजे थे। पुलिस ने यह भी बताया कि इन आरोपितों का मलेशिया में बैठे इन आकाओं से सीधा संपर्क था।
सरगना प्रदीप सिंह ISI से संपर्क में, पाकिस्तान ने भेजे हथियार
पुलिस ने यह भी बताया कि शंभू ब्लास्ट में शामिल आरोपितों का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा है, जो आतंकवदी मॉड्यूल चला रहा था। उसने खालिस्तानियों से प्रभावित होकर ‘चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिया’ नाम से संगठन बनाया था। वह मलेशिया में बैठे खालिस्तानी और पाकिस्तान में बैठे ISI से सीधे संपर्क में था।
यह भी सामने आया कि भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भेजे गए थे।
तरन तारन में पकड़ा पाकिस्तान से भेजा गया विस्फोटक-हथियार
इसी मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने पंजवड गाँव से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए। यह सामान शंभू ब्लास्ट में मारे गए जगरूप सिंह के भाई सतनाम सिंह की निशानदेही पर पकड़े गए हैं।
पुलिस ने 2 किलो 296 ग्राम आरपीजी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG), 3 डेटोनेटर, एक बैटरी, 1 किलो 456 ग्राम RDX के दो पैकेट, एक पी 86 हैंड ग्रेनेट और तीन पिस्टल, 5 मैगजीन 84 कारतूस के अलावा दो वायरलेस सेट, एक हेडफोन, दो टाइम स्विच बरामद किए हैं। ये सारा सामान पाकिस्तान से भिजवाया गया था।

