‘अगर इजरायल मिडिल ईस्ट की सारी जमीन ले ले तो ठीक ही होगा’: अमेरिकी राजदूत ने सुझाया शांति का रास्ता, भड़के इस्लामी देश

इजरायल में US के राजदूत माइक हकाबी ने कहा कि अगर इजरायल मिडिल ईस्ट के ज्यादातर हिस्सों को कब्जे में ले लेता है, तो उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। उन्होंने इसे यहूदियों के अधिकारों से जोड़ा है। अमेरिकी राजदूत के बयान के बाद मिडिल ईस्ट में नया विवाद शुरू हो गया है। 14 अरब और इस्लामिक देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी निंदा की है।

शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को एक टीवी इंटरव्यू में कमेंटेटर टकर कार्लसन ने हकाबी से इजराइल की भौगोलिक सीमाओं और ऐतिहासिक दावों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि ये बाइबिल में हैं।

इंटरव्यू ले रहे कार्लसन ने एक आयत का जिक्र किया, जिसमें अब्राहम के वंशजों को जमीन देने का वादा किया गया था, जिसमें यूफ्रेट्स नदी से लेकर नील नदी तक के हिस्से का जिक्र था। आज की बात की जाए तो इस क्षेत्र में लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और सऊदी अरब के कुछ हिस्से आ जाएँगे। यूएस राजदूत हकाबी ने कहा, “अगर वे सब कुछ ले लें तो भी ‘ठीक’ रहेगा।”

उन्होंने कहा कि इजराइल ‘इस पर कब्ज़ा करने’ की कोशिश नहीं कर रहा है और वे इसे कब्जा करने के लिए नहीं कह रहे हैं।

यूएस राजदूत के बयान के बाद मिस्र, यूएई, कतर, इंडोनेशिया, तुर्किए, सऊदी अरब, कुवैत,ओमान,बहरीन,लेबनान, सीरिया और फिलिस्तीन के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी निंदा की और बयान को खतरनाक और भडकाऊ करार दिया।

इस पर गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल, अरब लीग और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन के सचिवालयो ने भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी टिप्पणी क्षेत्र की सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए ‘खतरनाक’ है।