Saturday, July 31, 2021

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कश्मीर

राजस्थान की हिंदू विवाहिता को काम दिलाने का झाँसा देकर कश्मीर ले गया शाहिद, रेप के बाद कराया धर्मांतरण

राजस्थान की हिंदू महिला को कश्मीर ले जाकर शाहिद ने रेप और धर्मान्तरण कराया। उसका नाम बदलकर सोनम और बेटे का नाम सरफराज किया।

मकबूल शेरवानी: Pak हमलावरों को जिसने अकेले छकाया-भटकाया, उनकी कब्र का भारतीय सेना से जीर्णोद्धार और श्रद्धांजलि

उत्तरी कश्मीर के बारामुला में बलिदानी मकबूल शेरवानी की कब्र और स्मारक के जीर्णाेद्धार का काम पूरा हो गया। भारतीय सेना ने...

सफूरा जरगर को कोर्ट ने दी सशर्त ईद पर कश्मीर जाने की परमिशन: रहेगी इस तकनीक से हर पल लोकेशन पर नजर

सफूरा जगर को पिछले साल 23 जून को मानवीय आधार पर बेल मिली थी। उनके विरुद्ध UAPA और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं के तहत आरोप हैं।

कश्मीर वाली ‘आग’ में अब लक्षद्वीप को झुलसाने की चाल, क्योंकि नेहरू सब बुझते थे-मोदी को कुछ पता नहीं

कश्मीर और लक्षद्वीप में समानता वह मजहबी सोच है जो चाहती है कि उनके अलावा कोई और न रहे।

कृष्णा ढाबा के बाद श्रीनगर के शिव शक्ति मिष्ठान भंडार पर आतंकियों ने की गोलीबारी: 2 पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त

इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। बलिदानी पुलिसकर्मियों की पहचान हवलदार सुहैल अहमद और मोहम्मद युसूफ के रूप में हुई है।

अब्बा सरकारी मास्टर, खुद अलीगढ़ कॉलेज से पढ़ाई और धंधा… आतंकियों को पिस्टल की सप्लाई: बिहार से धराया जावेद

जावेद ने आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीर के मुश्ताक नाम के एक युवक को 7 पिस्टल मुहैया कराई थी, जिसे आतंकवादियों तक...

‘कितने में बेचा जमीर, चमचा, जूता चाटने वाला’: शाह फैसल ने की ‘मन की बात’ तो इस्लामी नाम वाले भड़के

मन की बात की तारीफ करने पर पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल को इस्लामी नाम वालों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई।

26 जनवरी के दिन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘कश्मीर वापस लेंगे’ के नारे: अरशद, इमरान समेत 4 गिरफ्तार

आरोपित देश विरोधी बातें कर रहे थे, पहले उन सबको ऐसा करने से मना किया। लेकिन बात मानने की बजाय युवकों ने मारपीट शुरू कर दी।

इंडियन आर्मी ने कश्मीर ही नहीं बचाया, खुद भी बची: सेना को खत्म करना चाहते थे नेहरू

आज शायद यकीन नहीं हो, लेकिन मेजर जनरल डीके पालित ने अपनी किताब में बताया है कि नेहरू सेना को भंग करने के पक्ष में थे।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

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