विषय: फतवा

नुसरत जहां

नुसरत जहां ने मनाया हिन्दू-त्योहार भाई फोंटा, ट्विटर पर लोगों ने पूछा – कहाँ है फतवे वाला मौलवी?

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती कलकत्ता में एक वृद्धाश्रम में हिन्दू त्योहार 'भाई-फोंटा' मनाने पहुँची। इस पर लोगों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आईं।
देवबंद, पटाखे,फतवा

पटाखे फोड़ना है गैर-इस्लामिक, पटाखों का व्यवसाय करना है हराम: देवबंद से फतवा जारी

यह फतवा दिवाली से कुछ दिन पहले ही आया है। ताकि मुस्लिम हिन्दू त्यौहार में शिरकत करने से दूर रहें। लेकिन ये जानने वाली बात है कि पटाखे शब-ए-बारात में भी बहुत स्तर पर इस्तेमाल होते हैं।
प्रतीकात्मक चित्र

मैं भारत का हिन्दू हूँ और अब मुझे यहाँ डर लगता है…

जब अभियुक्त हिन्दू हो, पीड़ित मुसलमान तब ये शरियत से चलते हैं। तब फतवा निकलता है, तब इसी राष्ट्र के संविधान की होली जला कर मुसलमान वही करता है जो एक मुल्ला कहीं से बैठ कर आदेश देता है।
मौलाना शहाबुद्दीन

मुस्लिम महिलाओं के हित में तीन तलाक कानून, अब जारी नहीं करेंगे फतवा: दरगाह-ए-आला हज़रत

दरगाह-ए-आला हज़रत के प्रवक्ता ने नए कानून की प्रशंसा करते हुए इसे मुस्लिम महिलाओं के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह कानून तीन तलाक के मामलों को रोकने में मददगार साबित होगा।
वसीम रिज़वी

मुल्ला साबित करें कि सिंदूर व बिंदी लगाना हराम है: सैयद वसीम रिज़वी

रिज़वी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि कोई भी मुस्लिम महिला सिंदूर लगाती है, चूड़ियाँ पहनती है, मंगलसूत्र पहनती है या बिंदी लगाती है तो यह शरियत के तौर पर हराम नहीं है।
दारुल-उलूम-देवबंद

दारुल उलूम देवबंद का फतवा: अब CCTV लगाना भी गैर इस्लामी

दारुल उलूम देवबंद की इफ्ता कमेटी से पूछा गया था कि लोग अपनी दुकान और मकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा सकते हैं या नहीं। साथ ही यह भी पूछा गया था कि शरियत इस विषय के बारे में क्या कहती है। इसके जवाब में ही दारुल उलूम देवबंद ने बताया था कि...
जमीयत उलेमा-ए-हिंद

सुकन्या समृद्धि योजना ‘ग़ैर-इस्लामिक’ घोषित: फ़तवा जारी, 200 से अधिक इस्लामिक जानकारों की सहमति

दारुल उलूम देवबंद ने दुकानदारों द्वारा चूड़ियाँ पहनने को लेकर भी मुस्लिम महिलाओं के ख़िलाफ़ फ़तवा जारी किया था क्योंकि अजनबी पुरुषों द्वारा महिलाओं का हाथ छूना एक बड़ा पाप है।

देवबंद का एक और फतवा: मर्दों और औरतों का शादी समारोहों में सामूहिक रूप से भोजन करना हराम

दारुल उलूम देवबंद ने एक नया फतवा जारी करते हुए कहा है कि किसी भी शादी या अन्य बड़े समारोह में सामूहिक रुप से मर्दों और औरतों का भोजन करना हराम है। साथ ही एक और फतवे में महिलाओं को हिदायत दी गई है कि वो बिना बुर्के के शादी और अन्य समारोह में शामिल ना हो।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

143,703फैंसलाइक करें
35,767फॉलोवर्सफॉलो करें
163,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements