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UCC का मायावती ने किया समर्थन, कहा- समान कानून से मजबूत होगा देश: जामा मस्जिद के शाही इमाम का फतवा- चुप रहें इस्लामी समूह

'भारत में विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। इनके रहन-सहन और जीवनशैली के अपने तौर-तरीके और रस्म-रिवाज हैं। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन दूसरी तरफ यह भी सही है कि यदि सभी धर्म के मानने वालों के लिए एक समान कानून लागू होता है तो उससे देश कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत ही होगा।"

संसद के माॅनसून सत्र में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) पर बिल लाने की अटकलें लग रही है। कई विपक्षी दल भी इसका समर्थन कर चुके हैं। बसपा (BSP) सुप्रीमो मायावती ने भी साफ किया है कि उनकी पार्टी इस कानून के खिलाफ नहीं है। इससे देश मजबूत होगा। वहीं दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने फतवा जारी कर इस्लामी समूहों से इस मुद्दे पर चुप रहने को कहा है।

मायावती ने कहा है, “विशाल आबादी वाले भारत देश में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध सहित विभिन्न धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं। इनके रहन-सहन और जीवनशैली के अपने तौर-तरीके और रस्म-रिवाज हैं। इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन दूसरी तरफ यह भी सही है कि यदि सभी धर्म के मानने वालों के लिए एक समान कानून लागू होता है तो उससे देश कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत ही होगा। सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारा भी बढ़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय संविधान की धारा 44 में यूनिफॉर्म सिविल कोड का उल्लेख किया गया है। हमारी पार्टी यूसीसी के विरोध में नहीं है। लेकिन उसे जबरन थोपने का प्रावधान बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर के संविधान में निहित नहीं है। इसके लिए जागरुकता और आम सहमति को श्रेष्ठ माना गया है। इस पर अमल न करके संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति करना देश हित में सही नहीं है, जो इस समय की जा रही है। संविधान की धारा 44 में यूनिफॉर्म सिविल कोड बनाने का प्रयास तो वर्णित है, लेकिन इसे थोपने का नहीं है।”

मायावती ने कहा, “इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ही बीजेपी को देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने के लिए कोई कदम उठाना चाहिए था। मैं यह भी कहना चाहती हूँ कि हमारी पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा इसे देश में लागू करने के तरीके से सहमत नहीं है।”

वहीं, न्यूज 18 रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर एक फतवा जारी किया है। इस फतवे में शाही इमाम ने मुस्लिम समूहों से यूसीसी पर चुप्पी रखने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि बकरीद के समय इमाम विदेश में थे। इसी दौरान उन्होंने यह फतवा जारी किया।

बता दें कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर सरकार की आलोचना की है। एक बयान में बोर्ड की ओर से कहा गया है कि सरकार UCC लागू कर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को खत्म करना चाहती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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