रूस और यूक्रेन के बीच जल्द ही शांति वार्ता शुरू होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वार्ता त्रिपक्षीय होगी, जिसमें वे भी शामिल होंगे।
रूस से तेल की खरीदारी करने पर व्हाइट हाउस के बिजनेस एडवाइजर पीटर नवारो ने भारत पर पुतिन की युद्ध मशीन को फंड करने का आरोप लगाया है। इससे अमेरिका का दौहरा रवैये साफ दिखता है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने लगातार यूक्रेन के NATO में शामिल होने का विरोध किया है और मौजूदा रूस-यूक्रेन संघर्ष की बड़ी वजह भी यूक्रेन का NATO की सदस्यता लेने की पहल करना माना जाता है।
ट्रंप और पुतिन की बैठक रूस-यूक्रेन संघर्ष पर बिना ठोस समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि वो फिलहाल उन देशों पर 'सेकेंडरी टैरिफ' लगाने की नहीं सोच रहे हैं जो रूस से तेल खरीदते हैं।