विषय: Fake News

द क्विंट

The Quint कर रहा है पियूष गोयल के बयान पर अपनी ही फैलाई फेक न्यूज़ का Fact Check

पियूष गोयल के एक बयान पर ट्विटर पर RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के एक फर्जी अकाउंट के ट्वीट को सच मानकर प्रोपगेंडा वेबसाइट The Quint, इकोनॉमिक टाइम्स, और आउटलुक ने खबर प्रकाशित कर दी।
अभिसार शर्मा

गाय कह कर भैंस का आँकड़ा: क्योंकि अभिसार शर्मा सिर्फ गेहूँ को ही धान नहीं कहता

वीडियो में अभिसार शर्मा सरकार के कथित 'दोहरे मापदंड को एक्सपोज' करते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि एक ओर यह सरकार गाय की बात करती है जबकि दूसरी ओर बीफ एक्सपोर्ट का यह आँकड़ा हमारे सामने है। इसके बाद अभिसार शर्मा एक सूची के जरिए ये बताते नजर आ रहे हैं कि बीफ एक्सपोर्ट में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
दी लल्लनटॉप

हिटलर लिंग विशेषज्ञ दी लल्लनटॉप और राजदीप कर रहे हैं NRC के फर्जी आँकड़ों से गुमराह

जब राजदीप कहते हैं कि 19 लाख लोगों को लिस्ट से.... उसी समय सौरभ द्विवेदी ऊँगली उठाकर बेहद दार्शनिक मुद्रा में और पूरे आत्मविश्वास के साथ राजदीप सरदेसाई को 'सही' करते हुए कहते हैं 'इकतालीस लाख..' इतना सुनते ही राजदीप एक कदम और आगे जाते हुए कहते हैं- "हाँ....हाँ वही इकतालीस लाख, उन्नीस लाख को मिलाकर।
कश्मीर-फेक न्यूज़

कश्मीर की इन लड़कियों का भारतीय सेना ने रेप कर मार डाला? #SaveKashmir की सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर दिखाई जा रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इन दो महिलाओं को भारतीय सेना ने बलात्कार के बाद मार दिया। अगस्त 30, 2019 को Twitter पर मोहम्मद हसन रजा ने यह तस्वीर #SaveKashmir हैशटैग के साथ ट्वीट की है।
हमीदा नईम

सावधान: हुर्रियत नेता की पत्नी को महाराजा हरि सिंह की पोती बताकर फैलाया जा रहा है 370 पर फर्जी वीडियो

फेसबुक के साथ ही यह वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है। ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि आर्टिकल-370 पर बात करने वाली यह महिला जम्मू और कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक, महाराजा हरि सिंह की पोती है।
फेक न्यूज़

डोनाल्‍ड ट्रम्प की बेटी ने माना ओवैसी के हॉस्पिटल का लोहा, स्पेशल विजिट करने आईं भारत: Fact Check

इस विडियो को शेयर करते हुए दावा किया गया है कि यह महिला अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की बेटी हैं, जो खासतौर पर हैदराबाद में ओवैसी के अस्पताल का दौरा करने गई थी।
फैक्ट चेक

फैक्ट चेक: गौमूत्र पीते हैं, दलित से करते हैं भेदभाव… इसलिए मैंने हिंदू धर्म छोड़ कर अपनाया इस्लाम

खबर के साथ यह भी दावा किया गया है- "इस्लाम में न किसी को सताया जाता है और न ही किसी को मारा जाता है, बल्कि इस्लाम मज़हब शांति का मज़हब है और इसीलिए जो इसको क़ुबूल करता है वो इसकी कभी बुराई नहीं बल्कि अच्छे ही करता है।"
पत्रकारिता के समुदाय विशेष को नई 'ट्रिक' ढूँढ़नी होगी लोगों को ठगने के लिए- जनता सयानी हो रही है।

‘मोदी ने विज्ञापन रोका’ वाली फ़र्ज़ी खबर ‘सूत्रों के हवाले से’ फैला रहा है पत्रकारिता का समुदाय विशेष

प्रोपेगेंडा-पर-प्रोपेगेंडा फैलाते रहना, बार-बार पकड़े जाते रहना, शर्मिंदा होना- अगर यही बिज़नेस मॉडल है तो बात दूसरी है, वरना वायर वालों को बाज आ जाना चाहिए।
कपिल सिब्बल

EVM की आलोचना करने वाली वेबसाइट अब दे रही ‘सेक्सी बॉडी मसाज सर्विस’, कपिल सिबल भी थे मुरीद

कपिल सिब्बल के झूठे दावों की प्रामाणिकता पर कई सवाल भी उठाए गए, बावजूद इसके उन्होंने टीएनएन न्यूज़ पोर्टल के लेखों का उपयोग करते हुए एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। टीएनएन ने देश में बड़े पैमाने पर EVM में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए लाइव प्रसारण भी किए।
प्रोपेगैंडा

असहिष्णुता? ‘हेट क्राइम’ की दर्जन भर घटनाएँ, जो फर्ज़ी साबित हुईं – लक्ष्य था हिंदुओं को बुरा दिखाना

यहाँ एक निश्चित पैटर्न उभर रहा है। ये उनमें से केवल दर्जन भर घटनाएँ हैं। 'हेट-ट्रैकर’ के माध्यम से नकली 'हेट क्राइम' के निर्माण के लिए मीडिया गिरोह और लिबरल पूरी तरह समर्पित हैं। ये डेटा और फैक्ट को तोड़-मरोड़कर, मुसलमानों को बारहमासी पीड़ित और हिंदुओं को निर्दयी हमलावर बताने की फिराक में रहते हैं।
बीबीसी की झूठी खबर

BBC की Fake News: संजीव भट्ट ‘whistle blower’ और कारसेवकों की मौत एक हादसा

गोधरा कांड मामले पर बीबीसी ने अपने अनेक झूठ को दो छोटे वाक्यों में समेट दिया। 2011 में बीबीसी ने खुद रिपोर्ट की थी कि मुस्लिम भीड़ ने साबरमती एक्सप्रेस पर हमला किया था, जिसमें 31 लोग दोषी पाए गए थे। इन सभी 31 लोगों को कारसेवकों को जिंदा जलाने के आरोप में अपराधी पाया गया था। खास बात ये थी कि ये सभी मुसलमान थे।
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, करण ठापर

मीडिया गिरोह ने RSS प्रमुख मोहन भागवत पर छापी Fake News, PCI के सामने हुए शर्मसार

प्रेस परिषद ने दोनों अखबारों का माफीनामा भी खारिज कर दिया है और शिकायतकर्ता की शिकायत पर कहा है कि पाठक को अधिकार है कि अगर वो अखबार में किसी तरह की गलती को पाता है तो सीधे परिषद को संपर्क करे।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

91,179फैंसलाइक करें
15,166फॉलोवर्सफॉलो करें
97,500सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें