विषय: High Court

त्रिपुरा हाईकोर्ट

हिन्दुओं की आस्था से खिलवाड़ कब तक: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने बलि-प्रथा बैन करने के पीछे दिए अजीब तर्क

किसी भी अदालत का काम धार्मिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों और उसमे लोगों की आस्था से छेड़छाड़ करना नहीं है। पशुओं पर अत्याचार की बात करने वाले पहले देखें कि मांस उद्योग के लिए जानवरों पर होने वाला क्रूरतापूर्ण व्यवहार कितना जायज़ है?
कमलनाथ, हनी ट्रैप

हनी ट्रैप पर मुसीबत में कमलनाथ सरकार: 9 दिन में 3 बार बदले SIT चीफ, हाई कोर्ट ने मॉंगा जवाब

याचिका में कहा गया है कि एसआईटी को आदेश दिया जाए कि वह इस मामले में ज़ब्त मोबाइल, लैपटॉप, वीडियो, सीडी आदि की सूची कोर्ट में पेश करे, क्योंकि इनके साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। साथ ही पूरे मामले की जाँच कोर्ट की निगरानी में कराने की माँग भी की गई है।
कलकत्ता हाईकोर्ट, अजीब याचिका

यमराज को दे निर्देश, मृत दोषियों को वापस धरती पर भेजें: कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर अजीब याचिका

याची पक्ष ने कोर्ट को आरोपितों की मौत की बात नहीं बताने के लिए माफ़ीनामा देने के साथ साल 2016 के उसके आदेश की याद दिलाई। मृतक समर के बेटे और प्रदीप की विधवा रेनू ने आवेदन में कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय यमराज को निर्देश दे कि वह दोनों आरोपितों को पृथ्वी पर वापस भेजें ताकि वे दोनों कोर्ट द्वारा मुकर्रर सज़ा पूरी करें।
हरीश रावत

स्टिंग केस में हरीश रावत पर कसा शिकंजा: CBI को FIR दर्ज करने की इजाजत मिली

रावत के वकीलों ने अदालत को बताया कि इस मामले की जॉंच का अधिकार सीबीआई को नहीं है। राज्य सरकार ने राष्ट्रपति शासन के दौरान जारी नोटिफिकेशन वापस लेकर SIT से जॉंच कराने का फैसला किया था।
त्रिपुरेश्वरी मंदिर

त्रिपुरा के मंदिरों में बलि पर रोक: खत्म होगी शक्ति पीठ माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर की 500 साल पुरानी परंपरा?

"सरकार पारम्परिक तरीके से माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर में पूजा करती आ रही है। पशु बलि का अनुसरण स्वतंत्रता से पहले, महाराजा के शासनकाल से चली आ रही है। घरेलू तौर पर दी गई पशु बलि पूजा करने का एक अभिन्न अंग रहा है, तो इसे रोका कैसे जा सकता है?"
झारखंड हाईकोर्ट

2 महिला जज के साथ 3 जजों ने ट्रेनिंग के दौरान किया गलत व्यवहार, HC ने तीनों को किया निलंबित

गोपनीय रिपोर्ट की शुरुआती जाँच के बाद तीनों जजों पर लगे आरोपों को सही पाया गया और तीनों को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के साथ ही तीनों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इसका जवाब मिलने के बाद हाईकोर्ट आगे की कार्यवाही करेगा।
बॉम्बे हाईकोर्ट

21 साल बाद पति को दोषी मान HC ने कहा- एक महिला होने में दर्द है, लेकिन इसमें गर्व भी है

अदालत ने कहा कि वैशाली पर अत्याचार किए जा रहे थे, जिसके कारण उसने जीने की उम्मीद खो दी थी। उसकी सास उससे दुर्व्यवहार करती थी और उसका पति चुप्पी साधे रखता था, जो वैशाली के लिए शारीरिक और मानसिक यातना देना जैसा था।
सुप्रीम कोर्ट

चर्च के झगड़े में हाई कोर्ट जज को SC की फटकार – ‘आप भी भारत का हिस्सा, हमारा निर्णय सब पर लागू’

सुप्रीम कोर्ट ने ऑर्थोडॉक्स और जैकोबाइट ईसाईयों के बीच विवाद में व्यवस्था दी थी कि चर्च संविधान ऑर्थोडॉक्स धड़े को चर्चों का प्रशासन करने का अधिकार देता है। केरल हाई कोर्ट के जज ने इस फैसले के विरुद्ध जाकर...
सुधा भारद्वाज, वर्नोन गोंजाल्विस, अरुण फरेरा

अर्बन नक्सल: हाईकोर्ट ने कहा- किताबों, सीडी से लगता है आप प्रतिबंधित संगठन का हिस्सा हो

गोंजाल्विस के पास मिली एक सीडी के नाम में ही 'राज्य के दमन का विरोध' था। मार्क्सिस्ट आर्काइव्स, वार एंड पीस इन जंगलमहल, अंडरस्टैंडिंग माओइस्ट, आरसीपी रीव्यू वगैरह भी बरामद की गईं। अदालत ने गोंजाल्विस से पूछा की ये किताबें और सीडी उनके घर में क्या कर रही थीं?
हसीन जहाँ

शमी की पत्नी हसीन जहाँ को ससुराल से आधी रात को उठाने के चक्कर में फँस गई UP पुलिस

सुनवाई में पाँचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनके परिवार के लोग भी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि हसीन जहाँ की अर्जी में पुलिस वालों पर शमी व उनके परिवार वालों के दबाव में ही काम करने का आरोप लगाया गया है।
हाई कोर्ट जज का आरक्षण पर बयान

‘पुण्य करने वालों को मिलता है ब्राह्मण कुल में जन्म, जातिगत आरक्षण के खिलाफ करना चाहिए आंदोलन’

जज वी चिताम्बरेश के अनुसार ब्राह्मण की विशेषताएँ 'स्वच्छ आदतें, उत्कृष्ट सोच, शानदार चरित्र, अधिकांशतः शाकाहारी होना, शास्त्रीय संगीत का पुजारी' होना है। उनके मुताबिक जब किसी व्यक्ति में यह गुण आ जाते हैं, तो वह ब्राह्मण हो जाता है।
भगवा ध्वज

भगवा ध्वज लहराना और नारे लगाना कोई अपराध नहीं: दलित उत्पीड़न पर हाईकोर्ट का अहम निर्णय

भगवा ध्वज फहराना दलित उत्पीड़न के अंतर्गत अपराध नहीं है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किए गए एक मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपित को जमानत दी।

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