Saturday, February 27, 2021

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indira gandhi

‘बॉलीवुड माफिया’ को चुनौती देने वालीं कंगना रनौत बनेंगी इंदिरा गॉंधी

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत साईं कबीर द्वारा अभिनीत पॉलिटिकल ड्रामा में पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की भूमिका निभाने जा रही हैं।

दादी इंदिरा के बाद प्रियंका को याद आई गाय: CM योगी को मात देने गाय बचाओ यात्रा… लेकिन पैदल मार्च करेंगे कोई और नेता!

कॉन्ग्रेस उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर पदयात्रा की योजना बना रही है और निशाने पर होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। इस पदयात्रा के ज़रिए कॉन्ग्रेस एक और मुद्दे को साधना चाहती है, ‘गौरक्षा’।

‘इंदिरा सरकार के कारण देश छोड़ना पड़ा, पति ने दम तोड़ दिया’: आपातकाल के जख्म लेकर 94 साल की विधवा पहुँचीं सुप्रीम कोर्ट

आजाद भारत के इतिहास में आपातकाल का काला दौर आज भी लोगों की स्मृतियों से धुँधला नहीं हुआ है। यही वजह है कि 94 साल की विधवा वीरा सरीन 45 साल बाद इंसाफ माँगने सुप्रीम कोर्ट पहुँची हैं।

ये कौन से किसान हैं जो कह रहे ‘इंदिरा को ठोका, मोदी को भी ठोक देंगे’, मिले खालिस्तानी समर्थन के प्रमाण

मीटिंग 3 दिसंबर को तय की गई है और हम तब तक यहीं पर रहने वाले हैं। अगर उस मीटिंग में कुछ हल नहीं निकला तो बैरिकेड तो क्या हम तो इनको (शासन प्रशासन) ऐसे ही मिटा देंगे।

डूब कर मर गया जयप्रकाश, जिंदा है सोनकलिया, दोनों को दादी ने छला; हाथरस में वही हाथ दिखा रहे पोता-पोती

वादा तो टूट जाता है... बाकी उनके किए वादे कितनी जल्दी टूटते हैं, ये तो बिहार चुनावों के बीतने तक दिख ही जाएगा!

सुपर कम्युनिस्ट शास्त्री: बेटी इंदिरा के हाथ में देश सौंपने के लिए नेहरू ने मृत्यु से पहले ही कर लिए थे पूरे इंतजाम

"..अपनी बेटी को PM पद के लिए तैयार किया जाना था, फिर मोरारजी देसाई और जगजीवन राम – दो महत्वाकांक्षी, सक्षम और प्रभावशाली प्रतिद्वंद्वियों को हटाना, और अंत में.."

PM नरेंद्र मोदी फासिस्ट हैं, क्योंकि महाराष्ट्र से लेकर तेलंगाना और पश्चिम बंगाल तक में खौफ है ‘उनका’

सरकार पर सवाल उठाने के कारण केबल नेटवर्क पर एक समाचार चैनल का प्रसारण रोक दिया था। अघोषित आपातकाल की स्थिति में रह कर...

अर्थव्यवस्था, राष्ट्रवाद, नौकरशाही जैसे मसलों पर लापरवाह थे नेहरू: जेआरडी टाटा का दुर्लभ Video

"इंदिरा गाँधी भी इन मामलों में अपने पिता जैसी थीं। जैसे ही कोई इंदिरा गाँधी से असहमत होता या उनके सामने तर्क रखने का प्रयास करता वह मेज पर रखे लिफ़ाफ़े और कागज़ उठाने लगतीं। जिससे ऐसा लगे कि उनके पास करने के लिए और भी ज़रूरी काम हैं।"

‘लोकतंत्र की हत्या करने वाले कूड़ेदान में…’ – आपातकाल के बाद अटल बिहारी वाजपेयी का रामलीला मैदान वाला भाषण

"देश में जो कुछ हुआ, उसे केवल चुनाव नहीं कह सकते हैं। एक शांतिपूर्ण क्रांति हुई है, लोक शक्ति की लहर ने लोकतंत्र की हत्या करने वालों को..."

इंदिरा गाँधी बाबर की कब्र पर गईं, सिर झुकाया और बोलीं – ‘मैंने इतिहास को महसूस किया…’

वो बाबर के मकबरे की ओर चल दिए। वे मकबरे के सामने खड़ी हुईं और हल्का सा सिर झुकाया। बाद में वे बोलीं - "मैं इतिहास को महसूस कर रही थी।"

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