Tuesday, July 27, 2021
573 कुल लेख

अनुपम कुमार सिंह

चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

शाहजहाँ को 75% हिन्दू बताने वाले जावेद अख्तर, वाराणसी में 76 मंदिर किसने गिरवाए थे? ओरछा का मंदिर किसने तोड़ा?

नाम है - जावेद अख्तर। खुद को नास्तिक कहते हैं, नास्तिकों वाला अवॉर्ड लेते हैं। लेकिन, इस्लामी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए शाहजहाँ और बराक ओबामा की तुलना करते हैं।

ओलंपिक में मीराबाई चानू के सिल्वर मेडल जीतने पर एक दुःखी वामपंथी की व्यथा…

भारत की एक महिला भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीता है। ये विज्ञान व लोकतंत्र के खिलाफ है।

‘ऑक्सीजन की कमी से हमारे यहाँ कोई नहीं मरा’ – कहा 2 कॉन्ग्रेस शासित राज्यों ने, पर ‘ट्वीटवीर’ राहुल गाँधी ने केंद्र को घेरा

छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी से उनके राज्यों में कोई मरा ही नहीं। केंद्र ने कहा कि राज्यों ने आँकड़े नहीं दिए हैं। राहुल गाँधी को राजनीति का मौका मिल गया।

‘वामपंथी बकते हैं गालियाँ, अचानक नहीं बदली मेरी विचारधारा’: प्रो बद्री नारायण ने कहा – समाज निर्माण में RSS की भूमिका

हाल ही में कई वामपंथियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रोफेसर बद्री नारायण तिवारी को गालियाँ बकी हैं और उन पर RSS के हाथों बिके होने का आरोप लगाया है।

श्रीराम मिथक, नक्सली हिंसा के लिए जवान जिम्मेदार… नहीं चाहिए ऐसा कहने वाले कुलपति: छात्रों का राष्ट्रपति को पत्र

प्रोफेसर बद्री नारायण, जो सुहेलदेव और भगवान श्रीराम को मिथक बता चुके हैं। प्रोफेसर तेज प्रताप सिंह, जिन पर नक्सली हिंसा के लिए सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराने का आरोप है। दोनों MGCUB के कुलपति की रेस में शामिल।

‘ब्राह्मणों की बच्चियों को छीन कर लाता, उन्हें मुस्लिम बना बड़ा करता था’ – टीपू सुल्तान के हरम में 600 महिलाओं की कहानी

'इस हरम में टीपू सुल्तान और उसके अब्बा की 600 महिलाएँ थीं, जिनकी रखवाली के लिए नपुंसकों को लगाया गया था। इनमें कई ब्राह्मणों और राजाओं की बेटियाँ थी, जिन्हें उनके अभिभावकों के सामने ही बलपूर्वक उठाया गया था।'

हिन्दुओं के हत्यारे गाजी मियाँ के दर पर ओवैसी और ओमप्रकाश राजभर: राजा सुहेलदेव ने किया था अंत, चेले कहते थे ‘बालेमियाँ कृष्ण’

भारत के गर्व राजा सुहेलदेव ने जैसे ही गाजी सैयद सालार मसूद के विरुद्ध मोर्चा संभाला, हिन्दू सेना एक हो गई और उनके भीतर नया जोश भर गया।

संजय गाँधी की ‘सितम’ वाली नसबंदी Vs CM योगी की ‘इनाम’ वाली नसबंदी: तब जबर्दस्ती थी, अब प्रोत्साहन पर जोर

ऐसा नहीं है कि नसबंदी पर प्रोत्साहन कोई नई बात है, बल्कि देश भर में केंद्र व राज्य सरकारें अक्सर नसबंदी के लिए प्रोत्साहन का अभियान चलाते रहती है। लेकिन, जो संजय गाँधी ने किया था वो क्रूरता थी।

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