Tuesday, June 15, 2021

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हिंसा से भी खौफनाक बंगाल का सिस्टम: पीड़ितों का अब सुप्रीम कोर्ट ही सहारा

हिंसा पीड़ित नागरिकों की कौन सुनेगा? उनके विरुद्ध हुई हिंसा को रिपोर्ट करने के लिए राज्य सरकार की कौन सी संवैधानिक संस्था उपयुक्त हो सकती है?

बीजेपी समर्थन का ‘सबक’: गैंगरेप के बाद दलित नाबालिग को मरने के लिए जंगल में छोड़ दिया, SC को सुनाई प्रताड़ना

बंगाल हिंसा की गैंगरेप पीड़िताएँ जैसे-जैसे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँच रहीं, सिहराने वाली प्रताड़ना सामने आ रही है।

6 साल के पोते के सामने 60 साल की दादी को चारपाई से बाँधा, TMC के गुंडों ने किया रेप: बंगाल हिंसा की पीड़िताओं...

बंगाल हिंसा की गैंगरेप पीड़िताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बताया है कि किस तरह टीएमसी के गुंडों ने उन्हें प्रताड़ित किया।

TMC में लौटते ही सुरक्षित हुए मुकुल रॉय? गृह मंत्रालय से की Z कैटेगरी सुरक्षा वापस लेने की माँग: रिपोर्ट्स

मुकुल रॉय नवंबर 2017 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। इसके बाद उन्हें सीआरपीएफ की Y+ सुरक्षा प्रदान की गई थी।

‘नुसरत जहां कलमा पढ़े और ईमान में दाखिल हो, नाजायज संबंध थी उसकी शादी’ – मौलाना कारी मुस्तफा

नुसरत ने जिससे शादी की, उसके धर्म के मुताबिक करनी थी या फिर उसे इस्लाम में दाखिल कराके विवाह करना चाहिए था। मौलाना कारी ने...

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

नुसरत जहाँ की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनकी बेबी बंप साफ दिख रहा है। उनके पति निखिल जैन पहले ही कह चुके हैं कि यह उनका बच्चा नहीं है।

बेटे संग फिर ‘दीदी’ की गोद में मुकुल रॉय, BJP में शुभेंदु अधिकारी के बढ़ते कद से थे बेचैन

मुकुल रॉय ने सितंबर 2017 में TMC से इस्तीफा दिया था। पार्टी ने उन्हें 6 वर्ष के लिए निलंबित भी कर दिया था।

24 भाजपा कार्यकर्ता, जो बंगाल में ममता बनर्जी की जीत के उन्माद में 1 महीने के भीतर मार डाले गए…

यहाँ हम उन 24 भाजपा कार्यकर्ताओं की बात करेंगे, पिछले एक महीने में जिनकी हत्या सिर्फ इसीलिए कर दी गई क्योंकि वो भाजपा का समर्थन करते थे।

बंगाल ने नहीं दी कोरोना से अनाथ हुए बच्चों की जानकारी: SC ने ममता सरकार को फटकारा, पूछा – ‘सिर्फ आपको ही कन्फ्यूजन क्यों?’

SC ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार कन्फ्यूजन वाला बहाना न बनाए क्योंकि जब सारे राज्यों ने आदेश का पालन किया है, केवल बंगाल के लिए कन्फ्यूजन कैसे हो सकता है?

आज मार रहे हो… कल जनता तुम्हें ‘मारेगी’ (चुनावी मैदान में): पश्चिम बंगाल पर हर चुप्पी का बदला इसी लोकतंत्र में

ऐसा क्यों है कि केरल या पश्चिम बंगाल में जब सरकार द्वारा सह दिए जाने वाली हिंसा की बात होती है तो लोकतंत्र के हिस्सेदारों को साँप सूँघ जाता है?

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