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26/11 के जिस गुनहगार को चीन ने बचाया, उसे पाकिस्तान की जेल में ‘अज्ञात’ ने दे दिया जहर: वेंटिलेटर पर लश्कर आतंकी साजिद मीर

उस पर अमेरिका ने 5 मिलियन डॉलर (41.68 करोड़ रुपए) का इनाम रखा है। जून 2022 में उसे एक टेरर फाइनेंसिंग के मामले में पाकिस्तान के आतंकरोधी कोर्ट ने सज़ा सुनाई थी।

पाकिस्तान में ‘अज्ञात लोगों’ ने एक और आतंकी को निपटा दिया है। लश्कर-ए-तैय्यबा का आतंकवादी सरगना साजिद मीर वेंटिलेटर पर है। उसे अज्ञात लोगों ने ज़हर दे दिया। वो मुंबई में 2008 में हुए 26/11 हमलों का साजिशकर्ता है। उसे पाकिस्तान के डेरा गाजी खान स्थित सेन्ट्रल जेल में ही ज़हर दे दिया गया। इसके बाद CMH बहावलपुर में उसका इलाज चल रहा है। पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI उसे एयरलिफ्ट कर के यहाँ के अस्पताल में लेकर आई है।

पाकिस्तान का पुलिस-प्रशासन इस मामले में जेल में खाना बनाने वाले शख्स पर ही शक ज़ाहिर कर रहा है और उसके खिलाफ जाँच शुरू भी कर दी गई है। वो एक प्राइवेट कुक है, जिसे अक्टूबर 2023 में जेल में बहाल किया गया था। अब वो फरार हो गया है। हाल के दिनों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को ठिकाने लगाने की खबरें आई हैं और इनमें ‘अज्ञात लोगों’ के नाम आए हैं। अब ये ‘अज्ञात’ कौन हैं, इस संबंध में किसी को कुछ खास पता नहीं चला पा रहा है।

साजिद मीर उन आतंकियों में से है जिसका 26/11 हमलों की साजिश रचने में बड़ा रोल है। उसे कुछ ही दिनों पहले लाहौर सेन्ट्रल जेल से शिफ्ट किया गया था। उसे अमेरिकी ने भी मोस्ट वॉन्टेड की सूची में रखा है। साजिद मीर की उम्र 40-50 साल के बीच है। उस पर अमेरिका ने 5 मिलियन डॉलर (41.68 करोड़ रुपए) का इनाम रखा है। जून 2022 में उसे एक टेरर फाइनेंसिंग के मामले में पाकिस्तान के आतंकरोधी कोर्ट ने सज़ा सुनाई थी।

पाकिस्तान के अधिकारियों ने कुछ महीनों पहले तक ये फैलाने की कोशिश भी की थी कि साजिद मीर मर चुका है। लेकिन, पश्चिमी देशों ने इसे मानने से इनकार करते हुए कहा था कि वो इसे साबित कर के दिखाए। उसे हाल ही में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)में प्रस्ताव लाया गया था लेकिन चीन ने वीटो लगा कर इसे ब्लॉक कर दिया था। भारत ने इस दौरान कहा भी था कि आतंकवाद से लड़ने को लेकर चीन गंभीर नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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