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‘यहूदियों को जीने का हक नहीं, शुक्र मनाओ मैं मार नहीं रहा’: कोलंबिया यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट लीडर खैमनी जेम्स दिखा रहा था हेकड़ी, अब नहीं कर पाएगा पढ़ाई

यहूदियों के खिलाफ आग उगलने वाले खैमनी जेम्स को कोलंबिया यूनिवर्सिटी से बाहर निकाल दिया गया है।

अमेरिका में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक इजरायल विरोधी छात्र नेता का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो यहूदियों के सफाए की बात कह रहा है। वो वीडियो में कहते सुना जा रहा है कि ‘यहूदियों को जीने का हक नहीं। शुक्र मनाओ कि मैं बाहर जाकर यहूदियों की जान नहीं ले रहा।’ ये वीडियो अमेरिका के तमाम यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रहे इजरायल विरोधी विरोध-प्रदर्शनों के बीच तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने खैमनी जेम्स को

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छात्र नेता की पहचान खैमनी जेम्स के तौर पर हुई है, जो सोशल मीडिया पर खुद को एंटी कैपिटलिस्ट, एंटी-इम्पीरियलिस्ट, स्टूडेंट और एजुकेटर कहता है। यही नहीं, वो दुनिया भर में चल रहे आजादी के आंदोलनों का खुद को समर्थक बताता है और आजाद फिलिस्तीन की वकालत करता है। लेकिन इस वीडियो में वो यहूदियों के खिलाफ जमकर आग उगल रहा है।

वीडियो में वो बोल रहा है, “यहूदियों के साथ सारे गोरे वर्चस्ववादियों को खत्म कर देना चाहिए, क्योंकि वो कमजोर लोगों को मार रहे हैं। मेरा शुक्र मनाइए कि मैं बाहर इन यहूदियों को मार नहीं रहा हूँ। हालाँकि मैंने कभी किसी को मारा नहीं है और उम्मीद करता हूँ कि ये नौबत न आए।”

इयान माइल्स चेओंग नाम के यूजर ने उसका वायरल हो रहा वीडियो पोस्ट करते हुए बताया है कि खैमनी जेम्स को कोलंबिया यूनिवर्सिटी से बाहर निकाल दिया गया है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह हिंसा को बढ़ावा देता है और विश्वविद्यालय के मूल्यों के खिलाफ है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

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श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
I am Shravan Kumar Shukla, known as ePatrakaar, a multimedia journalist deeply passionate about digital media. I’ve been actively engaged in journalism, working across diverse platforms including agencies, news channels, and print publications. My understanding of social media strengthens my ability to thrive in the digital space. Above all, ground reporting is closest to my heart and remains my preferred way of working. explore ground reporting digital journalism trends more personal tone.

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