Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाखच्चर पर लाद कर सोने की तस्करी, ITBP ने लद्दाख में चीन सीमा से...

खच्चर पर लाद कर सोने की तस्करी, ITBP ने लद्दाख में चीन सीमा से दबोचे 2 तस्कर: 108 kg गोल्ड के साथ चाकू, टॉर्च और हथौड़ा भी बरामद

इस सोने को खच्चरों की पीठ पर छिपा कर रखा गया था। सोने के अलावा इनके पास से दूरबीन, टॉर्च, खाने-पीने का सामान, कुछ अन्य चीनी वस्तुएँ, दूध, 2 चाकू और एक हथौड़ा भी बरामद हुआ।

‘भारत तिब्बत सीमा पुलिस’ (ITBP) ने चीन सीमा से सोने की तस्करी कर रहे 2 तस्करों को गिफ्तार किया है। इनके पास से 108 किलो सोना बरामद किया गया है। दोनों आरोपित इस सोने को खच्चर पर लाद कर भारत की सीमा में घुस रहे थे। पकड़े गए आरोपितों के नाम 40 वर्षीय तेंजिन तारगी और 69 वर्षीय त्सेरिंग चांबा हैं। इन दोनों से पुलिस के अलावा कस्टम विभाग के अधिकारी भी पूछताछ कर रहे हैं। घटना मंगलवार (9 जुलाई, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पूर्वी लद्दाख की है। यहाँ भारत चीन सीमा से लगभग 1 किलोमीटर दूर नार्बुला टॉप के पास सिरिगापले में ITBP की टीम गश्त कर रही थी। तस्करी और घुसपैठ रोकने के लिए सक्रिय यह गश्ती दल चिश्मूले, नार्बुला टॉप, जक्ले और जक्ला क्षेत्र की तरफ जा रहा था। मंगलवार की दोपहर लगभग डेढ़ बजे में ITBP की टीम को खच्चरों के साथ 2 संदिग्ध लोग दिखाई दिए। दोनों का पीछा कर के उनको रुकने की चेतावनी दी गई। आखिरकार दोनों रुक गए और उनकी तलाशी ली गई।

इनकी तलाशी के दौरान खच्चरों की पीठ पर सोना पाया गया। सोने का वजह 108 किलो निकला। इस सोने को खच्चरों की पीठ पर छिपा कर रखा गया था। सोने के अलावा इनके पास से दूरबीन, टॉर्च, खाने-पीने का सामान, कुछ अन्य चीनी वस्तुएँ, दूध, 2 चाकू और एक हथौड़ा भी बरामद हुआ। डिप्टी कमांडेंट दीपक भट्ट के नेतृत्व में ITBP की टीम ने दोनों ने पूछताछ की तो वो सोने को ले कर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। आखिरकार इन दोनों को कैम्प लाया गया। इसी के साथ पुलिस और कस्टम विभाग को भी सूचित कर दिया गया था।

सभी सुरक्षा एजेंसियों की सामूहिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित सोने को खच्चरों पर लाद कर चीन की सीमा से भारत में घुसे थे। ये दोनों तस्कर हैं जिनके नाम तेंजिन तारगी और त्सेरिंग चांबा हैं। बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है जिसकी कीमत करोड़ों रुपयों में बताई जा रही है। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश में जुटी हैं कि दोनों आरोपित सोना कहाँ से ला रहे थे और इसको भारत में किसको डिलीवरी देनी थी। फ़िलहाल पूरे मामले की जाँच जारी है। इस कार्रवाई को ITBP की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -