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‘भारत की जेल में मर जाएँगे, लेकिन बांग्लादेश लौटकर नहीं जाएँगे’: जंगल-नदी पार कर छिपते-छिपाते त्रिपुरा पहुँचा हिंदू परिवार, कहा- वहाँ हालत बदतर, सब कुछ बेच कर यहाँ आए

इस परिवार के मुखिया शंकर चंद सरकार हैं। वह बांग्लादेश के किशोरगंज जिले से अपने परिवार के 9 सदस्यों को लेकर भारत आए हैं। उनके परिवार में उनके बूढ़े पिता, पत्नी, छोटा भाई और बच्चे शामिल हैं। शंकर चंद सरकार अपने परिवार को लेकर बांग्लादेश से किसी तरह छुपते-छुपाते भारत आए हैं।

बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों के अत्याचार के कारण एक हिन्दू परिवार भाग कर भारत आ गया। उसे त्रिपुरा में गिरफ्तार किया गया है। हिन्दू परिवार ने कहा है कि भले ही उन्हें भारत के भीतर जेल में डाल दिया जाए लेकिन वह वापस बांग्लादेश वापस नहीं जाएँगे।

हिन्दू परिवार में बूढ़े-बच्चे सभी शामिल हैं। उन्होंने बताया है कि कैसे प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में हिन्दुओं की स्थिति बदतर हो गई है। यह परिवार जंगल-नदी किसी तरह पार करके भारत पहुँचा है।

इस परिवार के मुखिया शंकर चंद सरकार हैं। वह बांग्लादेश के किशोरगंज जिले से अपने परिवार के 9 सदस्यों को लेकर भारत आए हैं। उनके परिवार में उनके बूढ़े पिता, पत्नी, छोटा भाई और बच्चे शामिल हैं। शंकर चंद सरकार अपने परिवार को लेकर बांग्लादेश से किसी तरह छुपते-छुपाते भारत आए हैं।

उन्होंने त्रिपुरा के रास्ते अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की है। हालाँकि, उन्हें उनके परिवार समेत त्रिपुरा के ही धलाई जिले में एक रेलवे स्टेशन के बाहर से रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शंकर चंद सरकार बांग्लादेश में ड्राइवर के तौर पर काम करते थे।

उन्होंने बताया है कि जब से बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार का पतन हुआ तब से वहाँ हिन्दुओं के साथ दोयम दर्जे के नागरिकों से भी बदतर व्यवहार हो रहा है। उन्होंने बताया कि कोई भी सवारी उनकी गाड़ियों में नहीं बैठती थी और जो बैठती भी थी वह पैसा नहीं देती थी।

पैसा माँगने पर मारपीट की जाती थी। पुलिस भी उनकी नहीं सुनती थी। उनके ऊपर गलत काम करने के आरोप लगाए जाते थे। शंकर चंद सरकार ने बताया है कि उन्होंने अपनी अधिकांश सम्पत्ति नुकसान झेल कर बेच दी। बांग्लादेश में हिन्दुओं से सम्पत्ति खरीदने को भी लोग राजी नहीं हो रहे।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश छोड़ना उनके लिए मजबूरी बन गया था। शंकर चंद सरकार ने बताया कि उनके बच्चों की सुरक्षा भी एक बड़ा मसला बनती जा रही थी। उन्होंने बताया है कि इलाके में बाक़ी हिन्दू परिवार भी भाग कर भारत आना चाहते हैं लेकिन नौकरी-धंधे के चक्कर में ऐसा नहीं कर पा रहे।

पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद शंकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह बांग्लादेश वापस नहीं जाएँगे। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हमने शांति पाने के लिए सीमा पार की, और भले ही हमें जेल हो जाए, हम वापस जाने के बजाय जेल में मरना पसंद करेंगे।”

पुलिस ने बताया है कि उसने मुखबिर की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है और आगे उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। गौरतलब है कि बांग्लादेश में यूनुस सरकार आने के बाद से हिन्दुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कहीं मंदिर तोड़े जा रहे तो कहीं हिन्दुओं पर हमले हो रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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