Harish Chandra Srivastava

Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

भारत भक्ति का सामूहिक भाव मोदी सरकार के संकल्प से सिद्धि पथ का संबल

राम मंदिर, तीन तलाक और अनुच्छेद 370... देश की सत्ता में 60 वर्ष से अधिक समय तक रहने वाले राजनैतिक दल स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति के चलते इन समस्याओं को सुलझाने के बजाय उलझाकर राजनीति की रोटियाँ सेंकते रहे। भाजपा नीत मोदी की सरकार ने...

वैश्विक मंदी में भी देश की अर्थव्यवस्था के विकास की गति बनाए रखना मोदी सरकार की सफलता

सरकार के इतने कदमों के बाद भी मंदी को लेकर भ्रम व भयावहता फैलाए जाने का ठोस आधार है भी या नहीं? यह समझने के लिए हमें यह जानना होगा कि 2008-09 की वैश्विक महामंदी के समय की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों में बड़ा अंतर है।

370 का हटना: देश के स्वाभिमान और विकास का सूरज उगना… लेकिन विरोधियों का मुरझाना

तुष्टीकरण और वोटबैंक की राजनीति करने वाले दलों के लिए 370 के उन्मूलन का विरोध सैद्धांतिक नहीं, अपितु अवसरवादी और पोल खुलने के भय से उपजा है। क्योंकि वे जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर से इस कलंक के समाप्त होने के बाद अब वहाँ निजी निवेश के द्वार खुल जाएँगे, जिससे वहाँ विकास की संभावना बढ़ेंगी।

भ्रष्टाचार के ‘मोहरे’ और नेहरू से राहुल तक गाँधी परिवार का शातिर खेल

सोनिया व राहुल गाँधी के नेशनल हेराल्ड घोटाले, राहुल की बहन प्रियंका के पति राबर्ट वाड्रा का बीकानेर जमीन घोटाला, डीएलफ जमीन स्कैम की पड़ताल करने पर साफ होता है कि नेहरू काल के भ्रष्टाचार की इसी विरासत और इसी मॉडस ऑपरेंडी को आगे बढ़ाया।

कॉन्ग्रेसी राज के वो दिन, जब देश को मजबूत बनाने की सोचने वाले जिंदा नहीं बचते थे

मोदी विरोध के लिए देश की उपलब्धियों को झुठलाने वाली कॉन्ग्रेस व विपक्षी दल फिर कटघरे में हैं। आज नहीं कल, लोग उनसे हिसाब माँगेंगे और पूछेंगे कि देश को मजबूत बनाने वालों की संदिग्ध मौत और भारत को असुरक्षित बनाने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी के इतिहास में इतने ब्लैक होल क्यों हैं?

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