विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के एक प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। मुख्यमंत्री चाहते थे कि बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए विप्रो कैंपस से होकर गाड़ियों को निकलने दिया जाए। लेकिन प्रेमजी ने कहा कि ऐसा करना मुमकिन नहीं है।
प्रेमजी ने बताया कि विप्रो कैंपस एक निजी संपत्ति है। यह किसी भी आम रास्ते के लिए नहीं है। प्रेमजी ने कहा कि अगर ऐसा किया जाता है तो इससे कई कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा, एक लिस्टेड कंपनी होने के नाते विप्रो के लिए यह एक बड़ा मसला होगा।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 19 सितंबर 2025 को अजीम प्रेमजी को एक चिट्ठी लिखी। सिद्धारमैया ने चिट्ठी में कहा कि बेंगलुरु में बहुत ट्रैफिक होता है। खास तौर पर पीक आवर्स के दौरान आउटर रिंग रोड पर, इब्लूर जंक्शन के पास काफी जाम लगता है। इस जाम से लोगों को बहुत दिक्कत होती है। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी असर पड़ता है।

सिद्धारमैया ने प्रेमजी से पूछा कि क्या विप्रो कैंपस से होकर कुछ गाड़ियों को निकलने दिया जा सकता है। सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है, तो यह आपसी सहमति और सुरक्षा के नियमों के अनुसार होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को लगता है कि इससे ट्रैफिक की समस्या को सुलझाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी चिट्ठी में कहा कि ट्रैफिक एक्सपर्ट्स ने यह आकलन किया है। उनके मुताबिक, अगर विप्रो कैंपस से रास्ता खोला जाता है, तो आस-पास की सड़कों पर ट्रैफिक 30% तक कम हो सकता है। इससे खासकर ऑफिस के समय लोगों को बहुत राहत मिलेगी। सिद्धारमैया ने कहा कि इस काम में विप्रो की मदद से ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। सिद्धारमैया ने कंपनी से जल्द से जल्द सरकारी अधिकारियों से बात करने का आग्रह किया। ताकि दोनों मिलकर कोई ऐसा रास्ता निकाल सकें जो दोनों के लिए सही हो।
अजीम प्रेमजी ने 24 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की चिट्ठी का जवाब दिया। अजीम प्रेमजी ने बहुत ही विनम्रता से इस अनुरोध को मना कर दिया। प्रेमजी ने लिखा, “हमारा सरजापुर कैंपस एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है। यह किसी भी आम रास्ते के लिए नहीं है। अगर हम यहाँ से गाड़ियों को निकलने देंगे, तो हमें कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। हमारी कंपनी एक लिस्टेड कंपनी है, इसलिए यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती होगी।”

विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा कि उनका सरजापुर कैंपस एक खास आर्थिक क्षेत्र यानी एसईजेड (SEZ) है। यहाँ से वे दुनिया भर के ग्राहकों को सेवाएँ देते हैं। इसके लिए उन्हें कुछ खास नियमों का पालन करना पड़ता है। इसमें कैंपस में आने-जाने को लेकर सख्त नियम शामिल हैं। प्रेमजी ने कहा कि इन नियमों के साथ कोई समझौता नहीं हो सकता।
प्रेमजी ने यह भी कहा कि किसी निजी संपत्ति से गाड़ियों को निकलने देना कोई स्थायी हल नहीं है। इससे लंबे समय के लिए ट्रैफिक की समस्या खत्म नहीं होगी। प्रेमजी ने कहा कि बेंगलुरु में ट्रैफिक की समस्या बहुत जटिल है। इसका कोई एक हल नहीं है। इसे सिर्फ एक तरीके से ठीक नहीं किया जा सकता। प्रेमजी ने सुझाव दिया कि एक वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। यह अध्ययन किसी ऐसी संस्था से कराया जाए जिसे शहरी परिवहन प्रबंधन में महारत हासिल हो।
प्रेमजी ने आगे कहा, “ऐसा करने से हमें एक सही समाधान मिल पाएगा। इस हल को हम छोटे, मंझले और लंबे समय में लागू कर सकते हैं।” प्रेमजी ने यह भी कहा कि इस समस्या को हल करने में मदद करने के लिए विप्रो तैयार है। विप्रो इस अध्ययन का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी। प्रेमजी ने ट्रैफिक की इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना भी की। प्रेमजी ने कहा कि आउटर रिंग रोड पर तुरंत और प्रभावी कदम उठाना बहुत जरूरी है। यह इलाका निर्यात का एक बड़ा केंद्र है।

