‘बर्बाद रनवे और जले हैंगरों को अगर जीत कहते हैं तो मजे करे पाकिस्तान’: भारत ने UN में ड्रामेबाजी शहबाज शरीफ को लताड़ा

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में शनिवार (27 सिंतबर 2025) को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ तीखा भाषण देते हुए सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले को ‘युद्ध की घोषणा’ जैसा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने एकतरफा और गैरकानूनी तरीके से पाकिस्तान के जल अधिकारों का उल्लंघन किया है।

शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर मुद्दे को भी उठाया, लेकिन आतंकवाद पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। इसपर भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने ‘right of reply’ (उत्तर का अधिकार) प्रयोग करते हुए पाकिस्तान के आरोपों को ‘बेतुकी नौटंकी’ और ‘आतंकवाद का महिमामंडन’ कहा।

सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले की तिलमिलाहट शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी के तौर पर सामने आई। UN में शरीफ ने कहा कि जल संधि को का निलंबन न केवल संधि के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के मानदंडों का भी उल्लंघन करता है। साथ ही उन्होंने कहा, “इस संधि का उल्लंघन हमारे लिए युद्ध की घोषणा के समान है।”

इसके अलावा शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दे को उठाकर लोगों का हितैषी बनने की भी पुरजोर कोशिश की। उन्होंने कहा, “मैं कश्मीरी लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं उनके साथ हूँ, पाकिस्तान उनके साथ है और बहुत जल्द भारत की कश्मीर में अत्याचार की नीति समाप्त होगी।”

उत्तर के अधिकार के साथ भारत ने धोए पाकिस्तान के मंसूबे

शरीफ के आरोपों के जवाब में पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग किया है और अपने ही देश में फैले आतंकवाद पर कोई बात नहीं की। गहलोत ने कहा कि अगर शहबाज शरीफ वाकई शांति चाहते हैं तो पाकिस्तान को सारे आतंकी शिविरों को तुरंत बंद कर देना चाहिए और सभी आतंकवादियों को भारत को सौंप देना चाहिए।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए गहलोत ने पकहा कि पाकिस्तान ने इस पर एक भी शब्द क्यों नहीं कहा, जबकि इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। साथ ही उन्होंने इस पर शरीफ को भी तीखा जवाब दिया।

उन्होंने कहा, “9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा था। लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी फौज ने भारत से सीधे लड़ाई बंद करने की गुहार लगाई। इस बीच भारतीय सेना ने कई पाकिस्तानी हवाई अड्डों पर तबाही मचाई थी। उस नुकसान की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।’

गहलोत ने शरीफ पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर तबाह किए गए रनवे और जले हुए हैंगर जीत की तरह दिखते हैं, जैसा कि प्रधानमंत्री शरीफ ने दावा किया, तो पाकिस्तान को यह ‘जीत’ मुबारक हो।”

सिंधु जल संधि (Indus Water treaty) 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी। इसके तहत भारत को पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान को पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) दी गई थीं। इस संधि के तहत भारत से जाने वाली 6 नदियों में से तीन का पानी पाकिस्तान को मिलता है।

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद इसे अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। भारत ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस और सत्यापित कदम नहीं उठाता, तब तक संधि को बहाल नहीं किया जाएगा। पाकिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया, जबकि भारत ने इसे एक जवाबदेह कदम कहा।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र से आग्रह किया कि वह ऐसे देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे जो आतंकवाद को समर्थन देते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग करते हैं। साथ ही भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।