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पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, पेन से स्कैन कर बाहर भेजे गए पेपर: उम्मीदवारों से ₹35 लाख तक वसूले, दिल्ली में हंगामा कर रही AAP ने साधी चुप्पी; जानें- कैसे खुला पूरा खेल

दिल्ली में बिजी केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को पंजाब में पेपर लीक दिखाई नहीं दे रहा है। वहाँ AAP की सरकार है, लेकिन परीक्षा रद्द अब तक नहीं हुआ है। जबकि देश की सबसे बड़ी परीक्षा नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद फिर से परीक्षा हो चुकी है। रिजल्ट भी आ गया है, लेकिन ये छात्रों को उकसाने में लगे हुए हैं।

आम आदमी पार्टी के नेता नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश में लगे हैं। संसद मार्च के दौरान पूर्व सीएम आतिशी सिंह, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत कई नेता पुलिस की बैरिकेटिंग फाँद कर आंदोलनकारियों को उकसाते नजर आए। उसी आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार की नाक के नीचे सरकारी फार्मा अधिकारी की नियुक्ति के लिए हुई परीक्षा में हाई टेक चीटिंग हुई है। ये परीक्षा 19 जुलाई 2026 को फरीदकोट, कोटकपुरा और फिरोजपुर में आयोजित की गई थी।

आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सीएम भगवंत मान और तथाकथित ‘सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल को चीटिंग को लेकर जमकर लताड़ा है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल भारत को नेपाल बनाने में बिजी हैं और जेन जी को दिल्ली में उकसा रहे हैं। सोशल मीडिया एक्स पर उन्होंने वीडियो भी शेयर किया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में बड़ा घोटाला सामने आया है, हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। कई छात्र पेन कैमरा और ब्लूट्रूथ का इस्तेमाल करते पकड़े गए। लाखों रुपए लेकर बच्चों को परीक्षा पास कराई जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इन युवकों को हमारी आवाज की जरूरत है क्योंकि न तो भगवंत मान इसे सुन पा रहे हैं और न ही अरविंद केजरीवाल। उन्होने कहा कि शिक्षा में इतना बड़ा घोटाला हुआ है, लेकिन जवाबदेही किसी की नहीं?

इस मामले में अब तक पैंतीस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सात मुख्य साजिशकर्ता और 28 उम्मीदवार शामिल हैं। आरोप है कि इनलोगों ने पगड़ी, मोजे और अंडरवेयर के अंदर छोटे ब्लूटूथ उपकरण छिपा कर रखे थे और उनका इस्तेमाल कर रहे थे।

दरअसल ये पेपर लीक पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि हाईटेक तरीके से किया गया था। उम्मीदवारों ने हिडन पेन कैमरे, ब्लूट्रूथ और माइक्रो ईयरपीस का इस्तेमाल किया। पुलिस ने नकल के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए 27 बैटरी से चलने वाले वायरलेस उपकरण भी उम्मीदवारों के पास से जब्त किए हैं।

पंजाब के फार्मेसी परीक्षा में संगठित नकल का मामला

यह परीक्षा पंजाब सरकार में फार्मासिस्ट और फार्मा अधिकारी की भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा का आयोजन बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस यानी BFUHS ने किया था। परीक्षा के पेपर लीक में अंतरराज्यीय रैकेट के होने का पता चला है। पुलिस ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से इस गिरोह के सात प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। राज्य सरकार ने अब तक इस परीक्षा को रद्द नहीं किया है।

ये परीक्षा 25 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। ये केंद्र तीन शहरों- फरीदकोट, कोटकपुरा और फिरोजपुर में थे। फार्मेसी अधिकारी के 454 पदों के लिए कुल 7000 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। यह परीक्षा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कहने पर बीएफयूएचएस ने आयोजित किया था।

परीक्षा के दौरान विश्वविद्यालय ने फरीदकोट, कोटकापुरा और फिरोजपुर के 18 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए हवाई दस्ते तैनात किए। इन हवाई दस्तों ने ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का पता लगाया। कई उम्मीदवारों के पास एक जैसे उपकरण मिले। इससे अंदाज लगाया गया कि जरूर इसके पीछे संगठित धोखाधड़ी गिरोह संलिप्त है।पूरी परीक्षा 100 अंकों की है, जिसमे लिखित परीक्षा 90 और व्यावसायिक अनुभव के लिए 10 अंक निर्धारित हैं।

फिरोजपुर में पेन कैमरे से फोटो खींच व्हाट्सएप से भेजा भिवानी

जाँच में सामने आया है कि फिरोजपुर के एक सेंटर में परीक्षा दे रहे आयुष ने कथित तौर पर एक गुप्त पेन कैमरे से प्रश्न पत्र को स्कैन किया और व्हाट्सएप के जरिए हरियाणा के भिवानी में मौजूद अपने साथी साजन को भेजा। साजन ने कथित तौर पर प्रश्न के उत्तर तैयार करवाए और एक दूसरे सहयोगी दीपक को भेजा।

फरीदकोट के सोसाइटी नगर में गुरमीत सिंह के आवास को गिरोह ने अस्थाई नियंत्रण कक्ष बना रखा था, वहीं दीपक मौजूद था। वहाँ से मुख्य आरोपी मनजीत सिंह और दीपक ने कथित तौर पर वायरलेस के माध्यम से परीक्षा हॉल में मौजूद कई उम्मीदवारों को सारे सवालों के जवाब उपलब्ध कराए।

आरोप है कि यह गिरोह कॉरपोरेट स्तर की व्यवस्थाओं के साथ काम करता था और परीक्षा में सफलता की गारंटी देते हुए उम्मीदवारों से 35 लाख रुपए से लेकर 13 लाख रुपए तक की भारी रकम वसूलता था। कई उम्मीदवारों ने गिरोह के सदस्यों ने पोस्ट-डेटेड चेक ले रखा था।

पंजाब पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि जाँच में प्रश्नपत्र लीक होने या किसी अधिकारी की संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला है। बयान में कहा गया है, “परीक्षा शुरू होने के तुरंत बाद यह घटना घटी। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि इस धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड फाजिल्का स्थित संत कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज का कर्मचारी गुरमीत सिंह था।”

बयान में आगे कहा गया है, “19 जुलाई को परीक्षा के दिन सुबह सुबह कई ऑपरेटिव फरीदकोट-कोटकापुरा रोड पर मौजूद एक होटल में जमा हुए और उन्होंने उम्मीदवारों को विशेष बैटरी से चलने वाले वायरलेस माइक्रो-डिवाइस दिए।”

फरीदकोट और फिरोजपुर में इन उपकरणों का इस्तेमाल करने के आरोप में कुल 28 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 27 के पास से एक जैसे वायरलेस बरामद किए गए।

हालाँकि परीक्षा में संलिप्तता के आरोप में अब तक किसी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन मामले पर आम आदमी पार्टी ने चुप्पी साध रखी है। इसका शिरोमणि अकील दल ने भी विरोध किया है। उन्होंने पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं में धाँधली का भी आरोप लगाया और कहा कि भगवंत मान सरकार पेपर लीक पर एक्शन लेने और नकल गिरोह की लगाम कसने में नाकाम रही है।

पंजाब एकमात्र राज्य है जहाँ आम आदमी पार्टी की सरकार है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत यहाँ झोंक दी है। ऐसे में राज्य में हुए इस भर्ती घोटाले पर साधी गई चुप्पी पर स्वाति मालीवाल ने टिप्पणी की है, क्योंकि अरविंद केजरीवाल समेत पूरी पार्टी दिल्ली में खोई हुई अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। यही वजह है कि पंजाब में पेपर लीक इन्हें दिखाई नहीं दे रहा है और नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद रिनीट होने और रिजल्ट आने के बाद भी ये छात्रों को उकसाने में लगे हुए हैं।

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रुपम
रुपम
रुपम के पास 20 साल से ज्यादा का पत्रकारिता का अनुभव है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा। जी न्यूज से टेलीविज़न न्यूज चैनल में कामकाज की शुरुआत। सहारा न्यूज नेटवर्क के प्रादेशिक और नेशनल चैनल में टेलीविज़न की बारीकियाँ सीखीं। सहारा प्रोग्रामिंग टीम का हिस्सा बनकर सोशल मुद्दों पर कई पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया। एडिटरजी डिजिटल हिन्दी चैनल में न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया।

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