उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (22 जुलाई) को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। गोरखपुर शहर और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों के 892 बूथ अध्यक्षों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बिगुल फूँक दिया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी और आगामी चुनाव में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनाने का विश्वास जताया।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने युवाओं और दलितों-वंचितों को भड़काना शुरू किया, फेल हो गए तो अब इन्होंने छात्रों को अपना निशाना बनाना शुरू किया है… pic.twitter.com/XEpbvQqZOI
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 22, 2026
विपक्ष की शरारती साजिशों से सतर्क रहें कार्यकर्ता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भ्रम फैलाने और झूठा नैरेटिव गढ़ने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बूथ अध्यक्षों से कहा कि विपक्ष एक झूठ को सच साबित करने के लिए 100 बार झूठ बोलने की रणनीति पर काम करता है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे विपक्ष की शरारती साजिशों और नकारात्मक प्रचार का मुँहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहें। 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि विपक्ष ने एक लाख रुपए देने जैसे झूठे वादे किए और जातियों को लड़ाने की कोशिश की, जिसे अब बेनकाब करना होगा।
किसानों के बाद अब छात्रों को भड़का रहा है विपक्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा और कॉन्ग्रेस देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए आंदोलन भड़काने का काम करती हैं। पहले इन दलों ने किसानों को उकसाया और अब साजिश के तहत छात्रों को भड़काकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सीएए के विरोध के नाम पर भी ऐसा ही माहौल बनाया गया था। सीएम ने सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हिंदू, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों पर अत्याचार होता है, तब कॉन्ग्रेस और सपा का मुँह पूरी तरह से बंद रहता है।
2017 से पहले प्रदेश पर था ‘सैफई सिंडिकेट’ का कब्जा
सपा सरकार के कार्यकाल पर प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की नौकरियों और सरकारी योजनाओं पर ‘सैफई सिंडिकेट’ की मनमानी चलती थी। उस दौर में एसडीएम भर्ती जैसी प्रक्रियाओं में एक ही जाति विशेष के लोगों को लाभ पहुँचाया जाता था।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना किसी सिफारिश, भ्रष्टाचार या जुगाड़ के पूरी पारदर्शिता के साथ 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं। आज प्रदेश के युवाओं को हर जगह सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है और यूपी की पहचान पूरी दुनिया में बदली है।
डॉ आंबेडकर और पटेल के बजाय जिन्ना को दिया सम्मान
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस और सपा ने हमेशा महापुरुषों का अपमान किया है और देश को बांटने वाली ताकतों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल का सम्मान करने के बजाय जिन्ना को महिमामंडित करने का काम किया।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा बनवाई। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि और संत रविदास जैसे पूज्य संतों को भी पूरा सम्मान दिलाने का काम भाजपा सरकार ने किया है।
भाजपा सत्य और भलाई के साथ, विपक्ष अराजकता का प्रतीक
समाज की दो प्रवृत्तियों का उल्लेख करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक तरफ देव और सत्य हैं, तो दूसरी तरफ दानव और असत्य। भाजपा देव, सत्य, विकास और लोककल्याण के पक्ष में खड़ी रहती है, जबकि विपक्ष अराजकता, गुंडागर्दी, उपद्रव, माफियागिरी और लूट का प्रतीक है।

