अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़क चाल काम कर गई है। ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार (शांति की कोशिशों) के संदर्भ में यह कहकर हमास को अंतिम चेतावनी दी थी कि अगर शांति प्रस्ताव नहीं माना गया, तो इसके गंभीर अंजाम होंगे। इस धमकी के बाद, आतंकी संगठन हमास ने शुक्रवार (3 अक्तूबर 2025) को ऐलान किया है कि वह ट्रंप की 20-बिंदु शांति योजना के तहत सभी इसरायली बंधकों को छोड़ने को तैयार है।
आतंकी संगठन हमास ने तुरंत बातचीत के लिए हामी भर दी है और संकेत दिया है कि अगर सब ठीक रहा, तो 72 घंटे के भीतर बंधकों की अदला-बदली और ‘सीजफायर’ संभव है। संगठन ने गाजा का प्रशासन भी स्वतंत्र विशेषज्ञों को सौंपने की बात कहकर सबको चौंका दिया है।
ट्रंप ने तुरंत इजरायल से बमबारी रोकने की माँग की, ताकि बंधकों की रिहाई सुरक्षित हो सके। इजरायलके प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय ने भी बयान दिया कि वे योजना के पहले चरण (बंधक रिहाई) को तुरंत लागू करने के लिए तैयार हैं। हालाँकि, बंधकों की रिहाई की शर्तें और अंतिम समयसीमा अभी बातचीत की आग में तपनी बाकी है।

आतंकी संगठन का यू-टर्न: हमास ने क्या कहा?
हमास ने सार्वजनिक बयान में कहा कि वह सभी बंधकों को छोड़ने की सहमति दे सकता है। बयान में कहा गया कि बातचीत मध्यस्थों (सुलह कराने वाला व्यक्ति) के जरिये तुरंत शुरू हो सकती है। कुछ प्रावधानों पर वह असहमति रखता है और उन पर और चर्चा चाहता है। संगठन ने कहा कि रिहाई ‘आवश्यक जमीनी परिस्थितियों’ पर निर्भर होगी। उसने गाजा का प्रशासन तकनीकी व स्वतंत्र फिलिस्तीनी निकाय को सौंपने का संकेत भी दिया।
बंधक रिहाई: 72 घंटे का दाँव और शर्तें
हमास ने कहा कि बंधकों को चरणबद्ध (किसी काम को धीरे-धीरे करना) तरीके से छोड़ा जाएगा। संगठन ने 48 बचे बंधकों का जिक्र किया है। इनमें लगभग 20 बंधकों को जीवित माना जा रहा है। योजना के मुताबिक 72 घंटे के भीतर रिहाई और कैदियों की अदला‑बदली हो सकती है। बदले में 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी सुरक्षा बंदियों और मारे गए गाजावासियों के शव सौंपे जाने का उल्लेख किया गया है। पर रिहाई की सटीक समयसीमा और शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गईं।
ट्रंप का अल्टीमेटम: ‘शांति या तबाही’
राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि अब हमास स्थायी शांति के लिए तैयार दिखता है। ट्रंप ने इजरायल से तुरंत गाजा पर हमले रोकने का आह्वान किया। ट्रंप का तर्क था कि तभी बंधकों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। ट्रंप ने हमास को अल्टीमेटम भी दिया था और चेतावनी दी कि यदि यह आखिरी मौका खारिज हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे।

इजरायल की प्रतिक्रिया- नेतन्याहू का बयान
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि इजरायल ट्रंप की योजना के पहले चरण के तत्काल क्रियान्वयन के लिए तैयार है। वह ट्रंप और उनकी टीम के साथ काम जारी रखेगा, ताकि समझौता इजरायल के सिद्धांतों के अनुरूप हो। हालाँकि नेतन्याहू के बयान में ट्रंप की बमबारी रोकने की अपील का जिक्र नहीं था।
ट्रंप की 20‑बिंदु योजना क्या कहती है?
ट्रंप की 20 बिंदुओं वाली योजना कहती है कि गाजा में लड़ाई तुरंत रोकी जाए। इस योजना में यह भी कहा गया है कि हमास अपने हथियार छोड़ दे और गाजा की देखभाल के लिए एक नई, अंतरराष्ट्रीय निगरानी में चलने वाली अस्थायी सरकार बनाई जाए। इसका मकसद है कि युद्ध खत्म हो और गाजा को शांति से चलाने का रास्ता निकले। हमास ने इस बात पर हाँ तो कहा है कि वह प्रशासन छोड़ सकता है, लेकिन उसने साफ किया है कि पूरी योजना पर अभी और बात करनी होगी।
गाजा में भारी नुकसान
पिछले दो साल के युद्ध में गाजा को बहुत नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 66,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। यह हालात इंसानियत के लिए बहुत बड़ी मुश्किल बन गए हैं। बंधकों को सही-सलामत बाहर निकालना सबसे जरूरी है, लेकिन इसका फैसला सुरक्षा और राजनीति की शर्तों पर भी टिका है।
हमास की घोषणा एक महत्वपूर्ण सम्भावना है। पर पूरा समझौता अभी दूर नहीं दिखता। शर्तें, समयसीमा और निगरानी तय होना बाकी है। यदि दोनों पक्ष शीघ्र और स्पष्ट शर्तों पर सहमत हो जाएँ, तो 72 घंटे के भीतर बंधकों की अदला‑बदली संभव है। वरना हालात फिर से बिगड़ सकते हैं।

