अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि उन्होंने केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) को वेनेजुएला में सीक्रेट ऑपरेशन चलाने की मंजूरी दी है। इस कदम को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के अभियान में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने यह मंजूरी दो वजहों से दी है। पहला, ट्रंप के अनुसार वेनेजुएला ने अपने जेलों के कैदियों को अमेरिका भेजा है और दूसरा, वेनेजुएला से भारी मात्रा में नशीली दवाएँ अमेरिका में आ रही हैं, खासकर समुद्री रास्तों से।
उन्होंने आगे कहा कि अब अमेरिका जमीन के रास्तों से भी कार्रवाई की योजना बना रहा है, क्योंकि समुद्री रास्तों पर नियंत्रण किया जा चुका है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या CIA को मादुरो को हटाने के लिए सीधे कार्रवाई करने की छूट है, तो उन्होंने जवाब देने से बचते हुए कहा, “क्या इस सवाल का मुझे जवाब देना चाहिए? ये तो हास्यास्पद होगा।” हालाँकि उन्होंने इतना जरूर कहा, “वेनेजुएला पर दबाव बढ़ रहा है और कई और देशों पर भी। हम अपने देश को दूसरों की वजह से तबाह नहीं होने देंगे।”
CIA को जो मंजूरी दी गई है, वह राष्ट्रपति के विशेष आदेश के तहत आई है। इसके तहत एजेंसी को घातक कार्रवाई करने तक की अनुमति है, चाहे अकेले या सेना के सहयोग से। अमेरिका के कई अधिकारी मानते हैं कि इस ऑपरेशन का अंतिम लक्ष्य मादुरो सरकार को गिराना है, जिसे ट्रंप प्रशासन एक ‘नशीली दवाओं से जुड़ा आपराधिक गिरोह’ मानता है।
हालाँकि, मादुरो सरकार इन आरोपों को झूठा बताती रही है और कुछ अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में भी इस बात को पूरी तरह खारिज किया गया है कि वेनेजुएला मादक पदार्थों का प्रमुख उत्पादक है।
ट्रंप प्रशासन पहले ही वेनेजुएला के खिलाफ कई कदम उठा चुका है, जैसे मादुरो के खिलाफ 5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित करना, वेनेजुएला से बातचीत बंद करना और 10,000 अमेरिकी सैनिकों की तैनाती (मुख्य रूप से प्यूर्टो रिको में) करना।
बीते कुछ हफ्तों में अमेरिका ने वेनेजुएला के पास संदिग्ध ड्रग्स ले जा रही 5 नावों पर हमले किए हैं, जिसमें 27 लोग मारे गए। इन हमलों की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने निंदा की थी और इन्हें ‘न्यायिक प्रक्रिया के बिना की गई हत्या’ बताया है।
एक लीक हुई अमेरिकी संसदीय रिपोर्ट में इन कार्रवाइयों को ‘गैर-अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष’ करार दिया गया है और मादुरो से जुड़े ड्रग गिरोहों को ‘गैर-राज्य सशस्त्र समूह’ बताया गया है।
CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ, जो आक्रामक कार्रवाई के पक्षधर माने जाते हैं, पहले ही लैटिन अमेरिका में ड्रोन निगरानी जैसी गतिविधियों को बढ़ा चुके हैं। वहीं, विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने मादुरो को नार्को-आतंकवादी बताते हुए उसे सत्ता से हटाने की कोशिशों में लगे हैं।
वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका की इन कार्रवाइयों की निंदा की है। मादुरो ने चेतावनी दी है कि CIA देश में तख्तापलट की साजिश कर रही है और देश पर हमला कभी भी हो सकता है।
सरकारी बयान में कहा गया है, “बोलीवेरियन गणराज्य वेनेजुएला, अमेरिका के राष्ट्रपति के बयान की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने खुलेआम वेनेजुएला की शांति और स्थिरता को नुकसान पहुँचाने के लिए अभियान चलाने को मंज़ूरी देने की बात कही है।” वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव के सामने उठाएँगे।
(ये लेख मूलरूप से अंग्रेजी में लिखा गया है। मूल लेख को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)

