अमेरिकी विदेश विभाग ने शनिवार (18 अक्टूबर 2025) को जारी एक बयान में कहा है कि “फिलिस्तीनियों के खिलाफ सुनियोजित हमला युद्धविराम समझौते का गंभीर उल्लंघन होगा और ‘मध्यस्थता’ प्रयासों से हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति को कमजोर करेगा”।
विदेश विभाग ने हमले के बारे में और जानकारी नहीं दी और यह स्पष्ट नहीं है कि वह किन रिपोर्टों के आधार पर ऐसा दावा कर रहे हैं।
हमास और इजराइल के बीच युद्धविराम समझौते का पहला चरण प्रगति पर है, हमास ने सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया गया है और मृतकों के शव अभी भी इजराइल को लौटाए जा रहे हैं। इजराइल ने भी समझौते के तहत अपनी जेलों में बंद 250 फिलिस्तीनी कैदियों के अलावा गाजा से 1718 कैदियों को रिहा किया है।
अमेरिका ने मिस्र, कतर और तुर्की समेत उन देशों को इसकी सूचना पहले ही दे दी है। साथ ही हमास से युद्धविराम की शर्तों का पालन करने की माँग की है।
बयान में कहा गया है, “अगर हमास इस हमले को जारी रखता है, तो गाजा के लोगों की सुरक्षा और युद्धविराम की अखंडता को बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएँगे।”
हमास ने अभी तक इस बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले भी हमास को नागरिकों की हत्या के खिलाफ चेतावनी दे चुके हैं।
इस हफ़्ते की शुरुआत में ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रम्प ने कहा, “अगर हमास गाज़ा में लोगों को मारना जारी रखता है, तो हमारे पास उन्हें मारने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।” हालाँकि उन्होंने साफ किया कि वह गाजा में अमेरिकी सैनिक नहीं भेजेंगे।
इससे पहले हमास ने एक वीडियो जारी किया था। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि गाजा के खंडहर हो चुके शहरों में उसने फिर से अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया है। वीडियो में बंदूकधारी आठ लोगों को एक कतार में खड़ा करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनके हाथ उनकी पीठ के पीछे बंधे हुए थे। उन्हें घुटनों के बल बैठा कर गोलियों से भून दिया गया।
इन पर इजरायल के लिए ‘जासूसी करने’ का आरोप लगाया गया था। हालाँकि मृतकों में कुछ ने हमास से जुड़े हरे रंग के हेडबैंड भी पहना हुआ दिखाई दिया था।
18 अक्टूबर 2025 को इजराइल ने कहा कि उसे गाजा से दो और शव मिले हैं। इस पर हमास ने कहा है कि वे बंधक हैं, हालाँकि उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। कुल मिलाकर 28 मृत बंधकों में से 10 के अवशेष इजराइल को लौटा दिए गए हैं।
हमास ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसके टैंक से निकले गोले से शनिवार 18 अक्टूबर को एक फिलिस्तीनी परिवार के 11 सदस्यों की मौत हो गई। इस पर इजराइल ने कहा कि सैनिकों ने एक ‘संदिग्ध वाहन’ पर गोलीबारी की थी, जो गाजा में इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्र में आ गया था।

