’10 सीटें भी नहीं जीतेगी पार्टी’: खुद कॉन्ग्रेस नेताओं ने कर दिया ऐलान, बिहार चुनाव के टिकट बेचने के लगाए आरोप

बिहार में महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कॉन्ग्रेस के भीतर भी टिकट वितरण को लेकर असंतोष खुलकर सामने आया है। पार्टी के कई नेता, जिनमें रिसर्च सेल के पूर्व अध्यक्ष और प्रवक्ता आनंद माधव शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण में धाँधली हुई है, पैसे लेकर टिकट बाँटे गए हैं।

माधव ने इस्तीफा दे दिया और अन्य नेता जैसे छत्रपति यादव, गजानंद शाही, नागेंद्र प्रसाद और रंजन सिंह ने भी अपनी नाराजगी जताई और कहा की बिहार चुनाव में कॉन्ग्रेस 10 सीट भी नहीं जीत पाएगी। दरअसल, यह नाराजगी छत्रपति यादव को इस बार खगड़िया से टिकट नहीं मिलने पर सामने आई। उनकी जगह AICC के चंदन यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। नेताओं का कहना है कि यदि किसी विधायक का टिकट काटा भी जाता है तो उन्हें कहीं और से चुनाव में उतारा जाना चाहिए।

उधर, महागठबंधन में तालमेल की कमी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले ने स्थिति और जटिल कर दी है। झामुमो छह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि महागठबंधन में कई सीटों पर अब भी दावेदारों के बीच टकराव है। 6 नवंबर 2025 को पहले चरण का चुनाव है, जिसके लिएसोमवार (20 अक्टूबर 2025) तक नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। ऐसे हालात में महागठबंधन की एकजुटता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है और भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को फायदा मिलने की संभावना बढ़ गई है।