पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के रविवार (2 नवंबर 20205) को श्री मुक्तसर साहिब स्थित ऐतिहासिक दरबार साहिब गुरुद्वारे के दर्शन करने के बाद विवाद हो गया है। दरअसल, इस दौरे के लिए मान के जूतों की देखभाल का जिम्मा पंजाब के दो पुलिसकर्मियों को सौंपा गया था जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है। इस ड्यूटी आदेश की कॉपी जमकर वायरल हुई जिसके बाद BJP और शिरोमणि अकाली दल (SAD) समेत अन्य विपक्षी दलों ने इसकी तीखी आलोचना की है।
मुक्तसर पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल रूप सिंह और कॉन्स्टेबल सरबत सिंह को ‘सादे कपड़ों में गेट नंबर 7 पर पंजाब के मुख्यमंत्री के जूतों की देखभाल के लिए’ तैनात किया गया था। सोशल मीडिया पर शेयर होते ही इस सर्कुलर ने लोगों का ध्यान खींचा, जिससे गुस्सा भड़क उठा और विरोधी दलों ने राजनीतिक हमले शुरू कर दिए।
The “No VIP Culture” CM seems to have started a new culture in Punjab — Police for Boots! ??♂️
— BJP Chandigarh (@BJP4Chandigarh) November 2, 2025
Yes, under “Aam Aadmi” Bhagwant Mann, Punjab Police now guards the CM’s expensive designer shoes and slippers, while ordinary Punjabis walk in fear!
Murders, lootings, and gang wars… pic.twitter.com/EvOlyvsJe2
BJP ने ‘आम आदमी के पाखंड’ के लिए CM मान की आलोचना की
BJP ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए घटना को शर्मनाक और पंजाब पुलिस का अपमान बताया है। भाजपा प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने कहा कि जहाँ पुलिस द्वारा शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति वाले धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा देना आम बात है, वहीं जूतों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों की तैनाती ‘असामान्य और अस्वीकार्य’ है।
बलियावाल ने कहा, “किसी भी मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा तैनात की जाती है, चाहे वह वर्दी में हो या सादे कपड़ों में लेकिन जूतों की सुरक्षा के लिए कभी तैनात नहीं किया जाता। यह एक ऐसे मुख्यमंत्री का पाखंड की पराकाष्ठा है जो खुद को ‘आम आदमी’ बताता है।”
केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मान को आड़े हाथों लिया। बिट्टू ने फेसबुक पर पंजाबी में लिखते हुए मान पर तंज कसते हुए कहा, “महाराजा सतोजी, आप जितने चाहें उतने लोगों को अपने जूतों की रखवाली करवा सकते हैं लेकिन अब जनता ही आपको इन जूतों से निशाना बनाएगी।”
शिरोमणि अकाली दल ने मान का उड़ाया मजाक
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी मुख्यमंत्री पर हमला बोला है। SAD का कहना है कि यह घटना मान की सरकार में पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का उदाहरण है।
SAD ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ये हैं आम आदमी भगवंत मान! कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा यहीं से लगा लीजिए, पंजाब में पुलिस को मुख्यमंत्री के जूतों की रखवाली करनी पड़ती है, कहीं कोई उन्हें चुरा न ले। ये आदमी पहले दूसरों का मजाक उड़ाता था। आज खुद मजाक बन गया है।”
ਇਹ ਹੈ ਆਮ ਆਦਮੀ @BhagwantMann ❗
— Shiromani Akali Dal (@Akali_Dal_) November 2, 2025
ਅਮਨ ਕਾਨੂੰਨ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਦਾ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਇਥੋਂ ਹੀ ਲਗਾ ਲਓ ਕਿ ਪੰਜਾਬ 'ਚ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਬੂਟਾਂ ਦੀ ਰਾਖੀ ਕਰਨੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿਤੇ ਕੋਈ ਚੋਰੀ ਨਾ ਕਰ ਲਵੇ❗
ਇਹ ਭੰਡ ਦੂਜਿਆਂ 'ਤੇ ਚੁਟਕਲੇ ਬਣਾਉਂਦਾ ਸੀ ਅੱਜ ਖੁੱਦ ਚੁਟਕਲਾ ਬਣਕੇ ਰਹਿ ਗਿਆ ਹੈ ❗ pic.twitter.com/QU3RJTZ6Pk
मान ने रविवार को श्री मुक्तसर साहिब का दौरा किया और अमृत 2.0 योजना के तहत ₹138.83 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर की पुरानी सीवरेज और जलापूर्ति प्रणालियों का आधुनिकीकरण, नव विकसित इलाकों में नई पाइपलाइनें बिछाना और नागरिक बुनियादी ढाँचे में सुधार करना है।
अपने भाषण के दौरान, मुख्यमंत्री मान ने विपक्ष को जवाब देते हुए बिना सीधे तौर पर नाम लिए इस घटना का जिक्र किया है। उन्होंने कहा, “क्या इन राजनीतिक विरोधियों के पास पंजाब के लिए कोई रोडमैप है? हमारे चप्पल-जूते उनके लिए मुद्दा बन गए हैं। यहाँ तक कि हमारी माताओं और बहनों के सूट भी उनके लिए मुद्दा बन गए हैं। अब उनके पास बस यही सब रह गया है।”

