बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहरसा में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने मंच से कहा कि एनडीए की पहचान विकास से है, जबकि आरजेडी-कॉन्ग्रेस की पहचान विनाश से है।
पीएम मोदी ने इससे जुड़ी बात भी साझा की। पीएम मोदी ने कहा, “कोसी महासेतु प्रोजेक्ट की शुरुआत 2003 में अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने किया। 2004 में RJD के समर्थन वाली दिल्ली में मनमोहन सिंह जी की सरकार बनी। 2005 में नीतीश जी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनी। बिहार के लोगों ने RJD को साफ कर दिया। ऐसे में बिहार के लोगों से इतना गुस्सा किया कि बिहार के लोगों को बर्बाद करने में जुट गए।
पीएम मोदी ने कहा, “दिल्ली में सरकार इनके समर्थन की थी। इन्होंने मनमोहन सिंह और सोनिया गाँधी के बगल में बैठकर इन्होंने बिहार की भलाई के प्रोजेक्ट पर ताले लगवा दिए। पैसा रोक दिया। आरजेडी-कॉन्ग्रेस ने कोसी महासेतु को लटका दिया। बिहार के लोगों को अपनी हार की सजा दी।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “साल 2014 में मुझे मौका दिया। बदला लेने वालों को हटवाया। मैंने नई योजना बनवाई। नए सिरे से पैसे दिए। आखिरकार 2020 में NDA सरकार ने ये पुल बनाकर आप लोगों को सौंपा। RJD-कॉन्ग्रेस की बदला वाली नीति के चलते बिहार के लोगों को परेशान होना पड़ा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आरजेडी-कॉन्ग्रेस की डिक्शनरी में कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन जैसे शब्द भरे पड़े हैं। जंगलराज की पाठशाला में इन्होंने बस यही सीखा है।”
पीएम मोदी ने जंगलराज की याद दिलाते हुए कहा, “सहरसा के बहादुर डीएसपी सत्यपाल जी जंगलराज वालों पर नकेल कस रहे थे, उन्हें ठीक कर रहे थे। ये बात पटना में बैठे जंगलराज वालों को पसंद नहीं आई। इसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। जिन अपराधियों ने ईमानदार अधिकारी की हत्या की, उन्हें खुला छोड़ दिया गया।”

