सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 नवंबर 2025) को अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया विमान हादसे पर सुनवाई के दौरान कहा कि इस दुर्घटना के लिए पायलट कैप्टन सुमीत सबरवाल को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला 91 वर्षीय पुष्कराज सबरवाल द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जो मृत पायलट कैप्टन सुमीत सबरवाल के पिता हैं। उन्होंने हादसे की स्वतंत्र और न्यायिक जाँच की माँग की है।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्य बागची की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “किसी ने भी पायलट को दोषी नहीं ठहराया है। कोई भी नहीं मानता कि गलती पायलट की थी।”
पायलट के पिता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि कुछ जगहों पर पायलट को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने इस जाँच पर एक लेख प्रकाशित किया है।
इस पर जस्टिस बागची ने कहा, “हमें उससे कोई लेना-देना नहीं।” शंकरनारायणन ने जवाब दिया, “लेकिन मेरा बेटा बदनाम किया जा रहा है।” इस पर जस्टिस बागची ने कहा, “तो फिर WSJ के खिलाफ आपका मामला अमेरिका में होना चाहिए, यहाँ नहीं।”
जस्टिस सूर्यकांत ने आश्वस्त किया कि देश में कोई भी यह नहीं मानता कि पायलट की गलती थी। शंकरनारायणन ने कहा, “पायलट देश की सेवा करते हैं, इस तरह के आरोप बेहद दुखद हैं।” सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और कहा कि यह मामला 10 नवंबर 2025 को एक अन्य संबंधित मामले के साथ सुना जाएगा।
इस मामले से जुड़ी एक और याचिका सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन नामक NGO ने दायर की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट यह देख रहा है कि क्या सरकार निष्पक्ष और त्वरित जाँच के लिए उचित कदम उठा रही है या नहीं।

