बांग्लादेश की राजधानी ढाका के गुलिस्तान इलाके में प्रतिबंधित अवामी लीग के केंद्रीय कार्यालय पर गुरुवार (13 नवंबर 2025) की दोपहर हमलावरों ने हमला बोल दिया। बांग्लादेश इस्लामी चात्र शिबिर (शिबिर) और नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) के प्रदर्शनकारियों ने इमारत में घुसकर फर्नीचर तोड़ा, इकट्ठा कर आग लगा दी और बाहर बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की म्यूरल को नुकसान पहुँचाया।
घटना दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई, जब शिबिर और एनसीपी कार्यकर्ताओं ने घंटों धरना-प्रदर्शन के बाद ये कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर एसआई निशात ने बताया कि जाँच जारी है। इसी दौरान, छात्र लीग के संदिग्ध सदस्य होने के आरोप में दो लोगों को प्रदर्शनकारियों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने इंकलाब मंच के नेताओं के साथ मिलकर दोपहर 12:15 बजे हमला किया। कार्यालय 23 बंगबंधु एवेन्यू पर स्थित है। घटना के बाद धुआँ उठता दिखा और आसपास तनाव फैल गया। विपक्षी दलों ने इसे अंतरिम सरकार की साजिश बताया। मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली सरकार ने सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन देशभर में आगजनी और बम धमाकों की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
अवामी लीग ने सोशल मीडिया एक्स पर तीखा बयान जारी किया, “शिबिर-एनसीपी के लोगों ने ढाका के गुलिस्तान में अवामी लीग दफ्तर पर हमला किया। बंगबंधु की म्यूरल तोड़ी गई। यही वह लोकतांत्रिक सुधार है जिसका प्रचार यूनुस और उनके साथी कर रहे हैं, जहाँ सबसे बड़ी राजनीतिक दल पर अंतरिम सरकार और उसके सहयोगी लगातार हमले कर रहे हैं।”
Shibir-NCP men vandalize Awami League's office in Gulistan, Dhaka
— Bangladesh Awami League (@albd1971) November 13, 2025
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Bangladesh Awami League’s central office at 23 Bangabandhu Avenue was vandalized today by a mob of @info_shibir, @NCP_bd25, and Inqilab Manch leaders. Witnesses say the attack began around noon after hours of… pic.twitter.com/3AvYOaeXb1
यह हमला 17 नवंबर को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और तीन अन्य के खिलाफ जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन में मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में फैसले की घोषणा से ठीक पहले हुआ है। अंतरिम सरकार ने हसीना पर मुकदमा चलाया है, जिसके बाद अवामी लीग ने ‘ढाका लॉकडाउन’ का ऐलान किया था। लेकिन लॉकडाउन के बीच ही यह हिंसा भड़क गई।

