श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए विस्फोटक की जाँच के दौरान बड़ा धमाका हुआ। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई और 27 घायल हुए। विस्फोट में थाने का एक हिस्सा टूट गया और बचाव कार्य देर तक बाधित रहा। धमाका उस बड़े टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा था, जिसमें आतंकी डॉक्टरों का एक नेटवर्क सामने आया था। घटना की जाँच दो एंगल से हो रही है- हैंडलिंग में चूक या आतंकी साजिश। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
धमाका कैसे हुआ
धमाका शुक्रवार (14 नवंबर 2025) रात देर से हुआ। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जब बरामद किए गए विस्फोटक की सैंपलिंग कर रही थी, तब अचानक ब्लास्ट हो गया। यह विस्फोट इतना तेज था कि थाने के एक हिस्से की दीवारें गिर पड़ीं। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास घरों के शीशे टूट गए और लोग दहशत में आ गए।
#Srinagar's Nowgam Police Station blast on Nov 14, 2025,injured 1 during a forensic inspection of confiscated ammonium nitrate, causing vehicle fires.J&K Police confirmed no terror link,despite the station's probe into a #JaisheMohammed module tied to a Delhi explosion #BREAKING pic.twitter.com/BsXUu7kQgf
— Thepagetoday (@thepagetody) November 14, 2025
हादसे में जानमाल का नुकसान
धमाके में कुल 9 लोग मारे गए। इनमें ज्यादातर पुलिसकर्मी और फॉरेंसिक स्टाफ शामिल हैं। 27 लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर है। कुछ लोग लापता बताए गए और उनकी तलाश मलबे में चल रही है। मानव अंग दूर-दूर तक बिखरे मिले, जिससे धमाके की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बचाव और राहत कार्य की स्थिति
विस्फोट के बाद पुलिस स्टेशन से आग की लपटें उठने लगीं। छोटे-छोटे लगातार धमाकों ने बचाव टीम को तुरंत अंदर जाने नहीं दिया। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तेजी से मौके पर पहुँचे। घायलों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों को तुरंत अलर्ट पर रखा गया।
डिप्टी कमिश्नर अक्षय लाबरू ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को सभी जरूरी सुविधाएँ तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आसपास के क्षेत्रों की तलाशी जारी है।
जाँच के दो मुख्य एंगल
जाँच एजेंसियाँ दो संभावित कारणों पर काम कर रही हैं। पहला, विस्फोटक की हैंडलिंग के दौरान तकनीकी चूक। अमोनियम नाइट्रेट बेहद संवेदनशील होता है और छोटी गलती भी भारी नुकसान पहुँचा सकती है।
दूसरा एंगल, आतंकी साजिश का है। थाने में खड़ी एक संदिग्ध कार से आईईडी फटने की आशंका जताई गई है। इससे पास में रखा विस्फोटक भी फट सकता है। कुछ आतंकी संगठनों ने धमाके की जिम्मेदारी ली है, जिससे शक और गहरा हो गया है।
टेरर मॉड्यूल की जाँच से जुड़ा मामला
नौगाम पुलिस स्टेशन एक इंटरस्टेट टेरर मॉड्यूल की जाँच कर रहा था। यह मॉड्यूल पोस्टर चिपकाने, कट्टरपंथ, और बड़े पैमाने पर विस्फोटक जमा करने से जुड़ा था। शुरुआती सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिले थे। इससे गिरफ्तारियाँ हुईं।
पूरी जाँच डॉक्टरों के एक नेटवर्क तक पहुँची। इनके ठिकानों से 360 किलो विस्फोटक मिला था। इन्हें हरियाणा के फरीदाबाद से लाया गया था। यह वही विस्फोटक था जिसकी सैंपलिंग के दौरान ब्लास्ट हुआ। मॉड्यूल का एक सदस्य अब भी फरार है। एक अन्य के पास से AK-56 भी बरामद हुई थी। यह पूरा नेटवर्क गंभीर साजिश रच रहा था।
घटना के बाद NIA, SOG और बम स्क्वाड की टीमें तुरंत पहुंच गईं। पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई दूसरी घटना न हो। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। जाँच टीमें मौके पर काम कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

