‘दुनिया को चलाएगा हिंदू, अगर हिंदू नहीं बचे तो दुनिया नहीं बचेगी’: RSS प्रमुख मोहन भागवत का सामाजिक एकता पर बयान, बोले- भारत एक अमर सभ्यता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मणिपुर दौरे के दौरान एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज के दम पर ही दुनिया चल रही है और ‘अगर हिंदू नहीं रहेगा, तो दुनिया नहीं रहेगी।’

इसके अलावा, मोहन भागवत ने आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था, सैन्य ताकत और ज्ञान क्षमता को देश की मजबूती के लिए जरूरी बताया। उन्होंने समाज से नक्सलवाद और ब्रिटिश शासन की तरह हर समस्या को खत्म करने का आह्वान किया।

सनातन ही धर्म का सही अर्थ बताता है- मोहन भागवत

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज अमर है। उन्होंने कहा, “दुनिया के सब देश आए और गए, लेकिन हमारी हस्ती आज भी कायम है।” मोहन भागवत ने यूनान (ग्रीस), मिस्र और रोम जैसी सभ्यताओं का उदाहरण दिया, जो धरती से मिट गईं।

उन्होंने कहा कि भारत एक अमर सभ्यता का नाम है। भागवत ने दावा किया कि हमने अपने समाज का एक ऐसा मजबूत नेटवर्क बनाया है, जिसके चलते हिंदू समाज हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा, “हिंदू नहीं रहेगा तो दुनिया नहीं रहेगी, क्योंकि धर्म का सही अर्थ और मार्गदर्शन दुनिया को समय-समय पर हिंदू समाज ही देता है।”

आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और शक्ति जरूरी

मोहन भागवत ने देश को मजबूत बनाने के लिए तीन चीजों को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह आत्मनिर्भर होनी चाहिए और हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

इसके अलावा, देश के पास सैन्य ताकत और ज्ञान की क्षमता भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए यह सब जरूरी है, ताकि कोई भी नागरिक दुखी, गरीब या बेरोजगार न रहे।

संघ का लक्ष्य: सामाजिक एकता और सद्भाव

मणिपुर में जातीय हिंसा के बाद पहली बार पहुँचे मोहन भागवत ने यहाँ जनजातीय नेताओं और युवाओं से भी मुलाकात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस का गठन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज को मजबूत करने के लिए किया गया है।

मोहन भागवत ने कहा कि संघ सामाजिक सद्भाव और मित्रता के जरिए काम करता है। उन्होंने जनजातीय नेताओं से कहा कि उनके मुद्दे राष्ट्रीय चिंता का विषय हैं और उन्हें संवैधानिक ढाँचे के भीतर सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकता के लिए एकरूपता की जरूरत नहीं है, हम अपनी विविधता के बावजूद एक परिवार हैं।