मौलाना शमशुद हुदा खान 5 साल पहले भारत की नागरिकता छोड़ चुका था। वह लंदन जाकर बस गया था। ये मामला 2014 से 2017 के बीच का है। इसको लेकर आजमगढ़ में तैनात रहे 4 जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
इन अधिकारियों में अल्पसंख्यक विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर शेषनाथ पांडे, गाजियाबाद के साहित्य निकश सिंह, अमेठी के प्रभात कुमार और बरेली के लालमन शामिल हैं।
2013 में लंदन शिफ्ट होने से पहले मौलाना शमशुल हुदा खान आजमगढ़ के मदरसा अशरफिया मिस्बाह उल उलूम में तालीम देता था। दावते इस्लामी से जुड़ा मौलाना संत कबीर नगर के खलीलीबाद का रहने वाला था।
भारत की नागरिकता छोड़ देने और लंदन में रहने के बावजूद शमशुल हुदा मदरसा प्रबंधन और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर 2017 तक वेतन लेता रहा। यहाँ तक कि वीआरएस लेने के बाद पेंशन भी लिया। मामले की जाँच के बाद लाखों रुपए की रिकवरी के आदेश जारी किए गए।
एटीएस की जाँच रिपोर्ट में सामने आया है कि मदरसा में काम करते हुए शमशुल हुदा खान पाकिस्तान समेत कई देशों की यात्रा की थी। कश्मीर में भी उसके कई जाननेवाले हैं। एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है।

