बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा, तमाम कानूनी प्रतिबंधों के बाद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार अब उनकी घर वापसी के सारे दरवाजे बंद करने में जुटी है। अब ढाका की विशेष अदालत ने पुरबाचल न्यू टाउन प्लॉट आवंटन घोटाले में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, उनकी बहन शेख रिहाना के साथ रिहाना की बेटी ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीकी को सजा सुनाई है।
ढाका की कोर्ट ने हसीना को 5 साल, शेख रिहाना को 7 साल और ट्यूलिप को 2 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसी मामले में अन्य 14 आरोपितों को 5-5 साल की जेल हुई। सभी 17 दोषियों पर 1 लाख टका जुर्माना लगाया गया है। भुगतान न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। स्पेशल जज की कोर्ट ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) की सुबह यह फैसला सुनाया।
नियमों के खिलाफ प्लॉट आवंटन कराने का आरोप
एंटी करप्शन कमिशन (ACC) के अनुसार, शेख हसीना ने वरिष्ठ राजुक अधिकारियों की मिलीभगत से पुरबाचल प्रोजेक्ट के सेक्टर-27 में कूटनीतिक जोन के छह कीमती प्लॉट अपने और परिवारवालों के नाम आवंटित कराए।
ये प्लॉट उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय, बेटी साइमा वाजेद पुतुल, बहन शेख रिहाना, उनके बेटे बॉबी और बेटी अजमीना के नाम पर हासिल किए गए थे, जबकि सभी मौजूदा नियमों के तहत इसके लिए अयोग्य थे। ACC का आरोप है कि इस प्रक्रिया में ट्यूलिप सिद्दीकी ने भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और अवैध प्लॉट आवंटन करवाने में भूमिका निभाई।
कई अधिकारी भी दोषी, अधिकतर आरोपित फरार
इस मामले में दोषियों में पूर्व आवास राज्यमंत्री शरीफ अहमद, कई पूर्व सचिव और राजुक के पूर्व चेयरमैन अनीसुर रहमान मियाँ समेत कुल 29 लोग आरोपित बनाए गए थे। इनमें से केवल मोहम्मद खुर्शीद आलम इस समय जेल में हैं, जबकि बाकी लोग फरार बताए जा रहे हैं।
इससे पहले 27 नवंबर 2025 को इसी घोटाले से जुड़े तीन अन्य मामलों में कोर्ट ने शेख हसीना को कुल 21 साल की सजा सुनाई थी। उनके बेटे जॉय और बेटी पुतुल को भी इन मामलों में 5-5 साल जेल हुई थी।

