मलिक का कहना है कि बाबर के नाम से किसी को परेशान नहीं होना चाहिए। बाबरी विध्वंस के 33 साल पूरे होने पर पर इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि ये स्मारक भाईचारे का संदेश देगा। उन्होंने कहा कि मस्जिद के नाम पर राजनीति करने की कोशिश की गई है।
6 दिसंबर 2025 को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी के निष्कासित हुमायूँ कबीर ने बाबरी मस्जिद ढाँचे की आधारशिला रखी है। अब स्मारक बनाने की घोषणा के बाद देशभर में बाबर के नाम पर बनने वाले ढाँचे को लेकर फिर बहस छिड़ गई है।

