दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 14 दिसंबर को नकली दवाओं के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में प्रिस्क्रिप्शन पर मिलने वाली (Schedule H) नकली मलहम बनाने और बेचने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 42 वर्षीय गौरव भगत और 27 वर्षीय विशाल गुप्ता के रूप में हुई है।
पुलिस ने गाजियाबाद में चल रही एक अवैध फैक्ट्री से बेटनोवेट-सी, क्लोप-जी, स्किनशाइन (Betnovate-C, Clop-G और Skinshine) की 7500 से ज्यादा नकली ट्यूब जब्त की हैं।
Team of @CrimeBranchDP busted a major spurious drug racket, arresting two accused and seizing counterfeit Schedule-H ointments worth ₹2.3 crore, along with raw chemicals, machinery, packing material and around 12,000+ tubes of spurious Betnovate-C, Clop-G and Skin-Shine… pic.twitter.com/1tD4EdUfl0
— Delhi Police (@DelhiPolice) December 14, 2025
दिल्ली के सदर बाजार में हुई छापेमारी
क्राइम ब्रांच की टीम ने उत्तर दिल्ली के सदर बाजार और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में नकली दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, साइबर सेल को सूचना मिली थी कि सदर बाजार के तेलीवाड़ा इलाके में नकली दवाएँ बेची जा रही हैं। तेलीवाड़ा दवाइयों और कॉस्मेटिक्स का बड़ा थोक बाजार है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहाँ से बड़ी मात्रा में नकली Schedule H मलहम बरामद किए गए।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने मीडिया को बताया कि जब्त की गई दवाओं में Betnovate-C और Clop-G शामिल हैं। ये दोनों मलहम आमतौर पर खेल से जुड़ी चोटों और त्वचा संबंधी बीमारियों में इस्तेमाल किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी नकली दवाएंँ लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं।
गाजियाबाद में अवैध फैक्ट्री का खुलासा
जाँच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस गाजियाबाद के लोनी इलाके के पास मीरपुर हिंदू गाँव पहुँची, जहाँ एक अवैध फैक्ट्री चल रही थी। ड्रग इंस्पेक्टर और दवा कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में फैक्ट्री पर छापा मारा गया।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद में नकली दवा फैक्ट्री पकड़ी है। 2 आरोपी गौरव भगत और श्रीराम उर्फ विशाल गुप्ता गिरफ्तार हैं !!
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) December 15, 2025
स्किन रोग में काम आने वाली बेटनोबेट जैसी क्रीम भी नकली बनाई जा रही थी। 2.30 करोड़ का माल जब्त हुआ। उत्तर भारत के कई राज्यों में सप्लाई थी। pic.twitter.com/3M3SfPOpOr
रेड के दौरान यहाँ से पुलिस ने करीब 1,200 नकली Betnovate-C, 2700 Clop-G, 3700 Skinshine की ट्यूब और लगभग 22,000 खाली Clop-G ट्यूब बरामद कीं थीं। इसके अलावा 350 किलो से ज्यादा कच्चा माल, केमिकल, पैकिंग सामग्री और दवा बनाने की मशीनें भी जब्त की गईं। जब्त सामान की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
पुलिस ने बताया कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस के दवाएँ बना रहे थे और उन्हें स्टोर व सप्लाई कर रहे थे। दिल्ली और उत्तर प्रदेश के ड्रग इंस्पेक्टरों ने मौके पर सैंपल लिए। संबंधित दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी पुष्टि की कि ये दवाएँ नकली हैं और उनकी कंपनियों द्वारा न तो बनाई गईं और न ही सप्लाई की गई थीं।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
सप्लाई चेन की जाँच जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को शक है कि यह अवैध धंधा 2019 से चल रहा था। फैक्ट्री में दवाएँ बनाने के बाद इन्हें पैक कर अलग-अलग बाजारों में सप्लाई किया जाता था। इसके लिए डिलीवरी करने वालों और बिचौलियों का एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा था।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि पूरे गिरोह को खत्म करने के लिए आगे भी छापेमारी जारी रहेगी और इसमें शामिल डिस्ट्रीब्यूटर व दुकानदारों की भूमिका की भी जाँच की जा रही है।

