उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में अवैध धर्मांतरण के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। देहात कोतवाली पुलिस ने खरहरा गाँव स्थित चर्च में प्रलोभन देकर हिंदू परिवारों को ईसाई बनाने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें चर्च के पादरी भोलानाथ पटेल और उसकी पत्नी माया पटेल भी शामिल हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन पुरुष और 8 महिलाएँ हैं। पुलिस ने आरोपितों के पास से चार बाइबल, 10 कॉपी-किताबें, तीन स्मार्ट मोबाइल फोन और एक की-पैड फोन बरामद किया। सभी को जेल भेज दिया गया है। एक महिला को बाद में गिरफ्तार किया गया, जिससे गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। वो छापेमारी के दौरान फरार होने में सफल रही थी, लेकिन बाद में दबोच ली गई।
यह कार्रवाई रविवार (14 दिसंबर 2025) को कुरकुठिया गाँव के निवासी आनंद दुबे की तहरीर पर हुई। आनंद ने बताया कि पादरी ने उन्हें आर्थिक लाभ, बच्चों की पढ़ाई और मेडिकल सुविधाओं का लालच देकर चर्च बुलाया था। वहाँ से बच निकलकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। तहरीर में पादरी समेत 11 लोगों का नाम था, जिन पर प्रार्थना सभा की आड़ में गरीबों को फँसाने का आरोप लगाया गया।
15 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की। चर्च में 30-40 लोग मौजूद थे, जहाँ धर्मांतरण का धंधा चल रहा था। गिरफ्तार लोगों में भोलानाथ पटेल (गाजीपुर), माया पटेल, कृष्णकांत तिवारी (बढ़ौली), अंगनू प्रसाद (लेढ़ू), फूलपत्ती (जसोहर पहाड़ी), सुशीला देवी (किरतार तारा), हीरावती देवी, रेनू, लक्ष्मी और साधना (विश्वनाथपुर) हैं। वहीं, निशा देवी फरार हो गई थी, लेकिन उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया, “धर्म परिवर्तन के काम में लगे लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। उनके पास से मजहबी पुस्तक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है।”

