गुजरात के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और वरिष्ठ BJP नेता नितिन पटेल ने धर्मांतरण के मुद्दे पर चिंता जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 30–40 वर्षों में हिंदुओं की आबादी घटी है जबकि ईसाइयों की संख्या बढ़ी है। उनका आरोप है कि ईसाई मिशनरी चालाकी से लोगों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं।
मेहसाणा जिले में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन पटेल ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और RSS के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है कि पिछले 30–40 वर्षों में हिंदू समाज में कमी आई है और आपसी विभाजन भी बढ़ा है जबकि ईसाई आबादी में वृद्धि हुई है।
धर्मांतरण को लेकर उन्होंने दो तरह के लोगों की बात कही। मुसलमानों और ईसाइयों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों का लक्ष्य किसी भी तरह हिंदुओं की संख्या कम करना और हिंदू समाज पर दबाव बनाना है। उन्होंने कहा कि एक वर्ग लालच देकर धर्म परिवर्तन कराता है जबकि दूसरा वर्ग जबरदस्ती, आतंक और हिंसा के जरिए ऐसा करता है।
नितिन पटेल ने कहा कि ईसाई मिशनरी बहुत समझदारी से धर्मांतरण का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “वे स्कूल खोलते हैं, कपड़े बांटते हैं, अस्पताल और हॉस्टल चलाते हैं। सेवा और शिक्षा के नाम पर लोगों का धर्म बदलवाया जाता है। वहीं, दूसरा वर्ग हिंसक तरीकों से अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है।”
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर समाज को जागरूक करना जरूरी है ताकि धर्मांतरण की गतिविधियों को रोका जा सके और हिंदू समाज में बढ़ते विभाजन को कम किया जा सके। उन्होंने समाज और शिक्षा के स्तर पर प्रयास करने के साथ-साथ सरकार और सुरक्षा व्यवस्था के जरिए भी कार्रवाई की बात कही है।

