बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने पूर्व मंत्री का आवास जलाया, शेख मुजीब का घर भी तोड़ा: दफ्तर में आग के बाद मीडिया संस्था ‘डेली स्टार’ और ‘प्रथम आलो’ अस्थाई रूप से बंद

पड़ोसी देश बांग्लादेश एक बार फिर भारी हिंसा और आगजनी की चपेट में है। गुरुवार (18 दिसंबर 2025) की आधी रात को कट्टरपंथी भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया। इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हमलों में बदल गया।

भीड़ ने पूर्व मंत्री बिर बहादुर उश्वे सिंग के घर को आग के हवाले कर दिया और राजधानी ढाका में प्रमुख अखबारों के दफ्तरों व सांस्कृतिक केंद्रों को निशाना बनाया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षा बहाल करने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा।

पूर्व मंत्री के घर पर हमला और फायर ब्रिगेड को रोका

हिंसा की सबसे बड़ी घटना बैंडरबन के राजर माथ इलाके में हुई। रात करीब 12:55 बजे 20-25 कट्टरपंथी समूह ने पूर्व मंत्री बिर बहादुर उश्वे सिंग के आवास को घेर लिया और नारेबाजी करते हुए उसमें आग लगा दी।

जब फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुँचे, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आग बुझाने से रोक दिया और पानी की पाइपें (होज) काट दीं। आखिरकार सेना की मदद से फायर फाइटर्स अंदर जा सके और आग पर काबू पाया। इस हमले में घर की पहली मंजिल पूरी तरह जल गई और वहाँ खड़ी दो कारें व दो मोटरसाइकिलें राख हो गईं।

मीडिया हाउस और पत्रकारों पर सीधा प्रहार

हिंसा की आग केवल राजनेताओं के घर तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी मीडिया पर भी तीखा हमला हुआ। ढाका के कारवाँ बाजार में स्थित प्रसिद्ध अखबार ‘द डेली स्टार’ की इमारत में भीड़ ने आग लगा दी, जिससे वहाँ मौजूद कई पत्रकार और कर्मचारी जान बचाने के लिए घंटों फँसे रहे।

इसके अलावा ‘प्रोटोम आले’ और ‘ढाका ट्रिब्यून’ जैसे बड़े मीडिया संस्थानों के दफ्तरों में भी तोड़फोड़ की गई। सेना की दखल के बाद ही इन इमारतों को सुरक्षित कराया जा सका।

सांस्कृतिक केंद्रों और ऐतिहासिक इमारतों को बनाया निशाना

प्रदर्शनकारियों ने बंगाली संस्कृति के प्रतीक माने जाने वाले ‘छायानौत संस्कृति भवन’ में भी जमकर तोड़फोड़ की और आगजनी की। यही नहीं, बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के पैतृक निवास और अवामी लीग के कई कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया।

पुलिस के अनुसार, इन झड़पों में दो पुलिस अधिकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पूरे देश में तनाव का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।