बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच अमेरिका ने यूनुस सरकार को चेतावनी दी है। अमेरिका ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने से नाराजगी जताते हुए इसे गलत ठहराया है। अमेरिका का कहना है कि इस फैसले से फरवरी में होने वाले आम चुनाव प्रभावित होंगे।
अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति ने बांग्लादेश की अंतिरम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस को लिखे पत्र में कहा कि एक पूरे राजनीतिक संगठन पर प्रतिबंध लगाने से मतदाताओं के बड़े हिस्से को अधिकारहीन किया जा सकता है और लोकतांत्रित वैधता कमजोर हो सकती है।
Ranking Members @RepGregoryMeeks and @RepKamlagerDove, and Chair @RepHuizenga, sent a letter to Dr. Mohammed Yunus, Chief Adviser of the Interim Government of Bangladesh, expressing concern over the total ban of a political party ahead of elections in February. pic.twitter.com/IWgeZ05q40
— House Foreign Affairs Committee Dems (@HouseForeign) December 23, 2025
निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रतिबंध लगाना गलत
अमेरिकी संसद के प्रतिनिधि ग्रेगरी डब्ल्यू मिक्स, बिल हुइजेंगा और सिडनी कामलागर डव ने पत्र में लिखा, “फरवरी में चुनाव से पहले राष्ट्रीय संकट के समय एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए आगे आने की आपकी इच्छा का हम स्वागत करते हैं।” उन्होंने जोर दिया कि यह जरूरी है कि अंतरिम सरकार सभी दलों के साथ मिलकर काम करे ताकि निष्पक्ष चुनाव हो सकें और बांग्लादेशी लोगों की आवाज शांतिपूर्ण तरीके से मतपेटी के जरिए सुनाई दे।
सांसदों ने कहा कि अगर सरकार राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगाती है या अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल को फिर से शुरू करती है, तो यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से राज्य संस्थानों पर से विश्वास और कम हो सकता है, जबकि पहले से ही विश्वास कमजोर है।
बांग्लादेश में पहले चुनावों में हिंसा पर उठाए सवाल
सांसदों ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिका और बाकी अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने बांग्लादेश के 2018 और 2024 के चुनावों को निष्पक्ष नहीं माना था। उन्होंने UN के एक फरवरी के रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि जुलाई-अगस्त 2024 में सुरक्षा बलों ने करीब 1,400 लोगों को मार दिया था।
उन्होंने लिखा, “इन घटनाओं की जिम्मेदारी तय करना बांग्लादेश के लोकतंत्र के मूल्यों को दिखाना चाहिए, न कि बदले का चक्र जारी रखना।” उन्होंने जोर दिया कि संगठन बनाने की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत (न कि सामूहिक) अपराध की जिम्मेदारी मूलभूत मानवाधिकार हैं। एक पूरे दल पर प्रतिबंध लगाना इन सिद्धांतों के खिलाफ है।
गौरतलब है कि 10 मई 2025 को अंतरिम सरकार ने आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया था और 12 मई 2025 को चुनाव आयोग ने इसका रजिस्ट्रेशन भी सस्पेंड कर दिया था।

