बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा जिया का निधन, लंबे समय से थी बीमार: 1 दिन पहले ही कराया था चुनाव के लिए नामांकन, शेख हसीना से थी कट्टर प्रतिद्वंदिता

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष खालिदा जिया का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। बीएनपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।

खालिदा जिया लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, गठिया, हृदय और फेफड़ों की गंभीर समस्याओं से पीड़ित थीं। नवंबर से वे ढाका के एवरकेर अस्पताल में भर्ती थीं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। 29-30 दिसंबर की रात उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। विदेश इलाज के लिए कतर से विशेष विमान भी मंगाया गया था, लेकिन मेडिकल बोर्ड ने उड़ान की अनुमति नहीं दी।

पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “बीएनपी चेयरपर्सन और पूर्व प्रधानमंत्री राष्ट्रीय नेता बेगम खालिदा जिया आज सुबह 6 बजे फज्र की नमाज के ठीक बाद गुजर गईं।” बयान में आगे लिखा है कि परिवार के सदस्य, पार्टी के वरिष्ठ नेता और डॉक्टर उनकी मृत्यु के समय अस्पताल में मौजूद थे।

इनमें उनके बड़े बेटे और बीएनपी के कार्यवाहक चेयरमैन तारेक रहमान, बहू डॉ. जुबैदा रहमान, नातिन जाइमा रहमान, छोटे बेटे की पत्नी शर्मिली रहमान सिथी, छोटा भाई शमीम एस्कंदर और बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर शामिल थे।

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह निधन हुआ है। शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद अंतरिम सरकार बनी और अब चुनाव हो रहे हैं। खालिदा जिया ने मृत्यु से एक दिन पहले 29 दिसंबर को बोगरा-7 सीट से नामांकन दाखिल किया था। वे इस सीट से कई बार सांसद रह चुकी थीं।

खालिदा जिया ने 1991 से 1996 और 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री रहते हुए देश की राजनीति को आकार दिया। शेख हसीना से उनकी लंबी प्रतिद्वंदिता रही। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना भी किया, लेकिन 2025 में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बदले राजनीतिक माहौल में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। उनके निधन से देश में शोक की लहर है और बीएनपी ने प्रार्थना की अपील की है। जनाजे का कार्यक्रम बाद में घोषित होगा।