स्वदेशी ध्रुव-NG हेलीकॉप्टर की पहली सिविलियन उड़ान सफल, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने दिखाई हरी झंडी: जानें- HAL के इस उड़नखटोले की खास बातें

बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्मित अगली पीढ़ी के सिविल हेलीकॉप्टर ‘ध्रुव एनजी’ की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हो गई। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इसकी उद्घाटन उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह भारत के विमानन इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है।

उड़ान से पहले मंत्री नायडू खुद पायलट के साथ कॉकपिट में बैठे और हेलीकॉप्टर की उन्नत तकनीकों व विशेषताओं का प्रत्यक्ष अनुभव लिया। एचएएल अधिकारियों के अनुसार, ध्रुव-NG 5.5 टन वजनी ट्विन-इंजन वाला हल्का बहु-उद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है, जो भारत की विविध भौगोलिक परिस्थितियों जैसे पहाड़, रेगिस्तान और गर्म इलाकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

मंत्री राम मोहन नायडू ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘ध्रुव एनजी’ महज एक हेलीकॉप्टर नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने एचएएल के इंजीनियरों, डिजाइनरों, तकनीशियनों और सभी कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि एचएएल अब केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागरिक विमानन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

ध्रुव हेलीकॉप्टर बेहद खास, कई मिशनों में आ सकता है काम

ध्रुव एनजी में दो शक्ति 1एच1सी इंजन हैं, जो अधिक शक्ति और बेहतर प्रदर्शन देते हैं। इसमें विश्वस्तरीय ग्लास कॉकपिट, क्रैशप्रूफ सीटें, सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक और उन्नत कंपन नियंत्रण प्रणाली है, जिससे उड़ान सुरक्षित और आरामदायक रहती है। यह वीआईपी परिवहन, एयर एम्बुलेंस, पर्यटन, ऑफशोर ऑपरेशंस, आपदा राहत और कानून-व्यवस्था जैसे कार्यों के लिए उपयुक्त है।

इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं- अधिकतम टेक-ऑफ वजन 5,500 किलोग्राम, अधिकतम गति 285 किमी/घंटा, रेंज 630 किमी (20 मिनट रिजर्व सहित), उड़ान समय करीब 3 घंटे 40 मिनट, अधिकतम ऊंचाई 6,000 मीटर। यात्री क्षमता 4-6 वीआईपी सीटों से 14 तक, एयर एम्बुलेंस मोड में 4 स्ट्रेचर सहित।

मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन की वजह से भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। आने वाले 10-15 वर्षों में भारत 1,000 से अधिक ऐसे हेलीकॉप्टर बना सकता है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और आयातित हेलीकॉप्टरों पर निर्भरता कम करेगा। ‘ध्रुव एनजी’ की सफल पहली उड़ान भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस इंडस्ट्री के लिए एक नया अध्याय है, जो न केवल रक्षा बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी को भी बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।