कोर्ट में अफरा-तफरी और ‘सुसाइड अटैक’ की धमकी
धमकी मिलने के बाद सबसे ज्यादा दहशत लुधियाना जिला कोर्ट में दिखी, जहाँ 2021 में पहले भी ब्लास्ट हो चुका है। यहाँ जज और वकील बीच में ही सुनवाई छोड़कर बाहर निकल आए।
ईमेल भेजने वाले ने अपना नाम ‘अजमल अब्दुल राज’ बताया था और दावा किया था कि उसने परिसर में तीन RDX बम लगाए हैं और वह आत्मघाती हमला करने वाला है। वहीं, रोपड़ कोर्ट को मिली ईमेल में भेजने वाले ने खुद को श्रीलंका के आतंकी संगठन ‘LTTE’ से जुड़ा बताया था।
इन जिलों में घंटों तक चला ‘सर्च ऑपरेशन’
धमकी मिलते ही पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया। फिरोजपुर कोर्ट को भेजे गए ईमेल में दोपहर 2:30 बजे धमाका करने की चेतावनी दी गई थी, जिससे वहाँ तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी तरह मोगा और मानसा में भी हालात तनावपूर्ण रहे, जहाँ के एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे न्यायिक स्टाफ और जजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई।
वहीं, रोपड़ और आनंदपुर साहिब में भी भारी पुलिस बल तैनात करके पूरे परिसर को सील कर दिया गया था। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और बारीकी से की गई जाँच में जब कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और देर शाम अदालतों में दोबारा कामकाज शुरू हो सका।
विदेशी कनेक्शन: पहचान छिपाने के लिए हाईटेक टूल्स का इस्तेमाल
पंजाब के स्पेशल DGP (साइबर क्राइम) ने खुलासा किया कि यह कोई मामूली शरारत नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। धमकी भरे ईमेल भेजने वालों ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए Tor नेटवर्क और VPN का सहारा लिया था।
शुरुआती जाँच में इनके तार जर्मनी और ऑस्ट्रिया से जुड़े मिले हैं। पंजाब पुलिस ने अब केंद्र सरकार से संपर्क किया है ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन देशों की सरकारों से बात कर आरोपितों तक पहुँचा जा सके।

