जमींदार सरफराज निजामानी ने की हिंदू मजदूर की हत्या, सिंध में भड़के अल्पसंख्यक: पाकिस्तानी सरकार के दावों की खुली पोल

पाकिस्तान के सिंध के बडिन जिले में एक मुस्लिम जमींदार ने एक गरीब हिंदू मजदूर और किसान कैलाश कोल्ही की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय सार्वजनिक रूप से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कर रहा था। हत्या ने अल्पसंख्यक समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

कैलाश कोल्ही सरफराज निजामानी की जमीन पर काम करते थे और अपने परिवार के लिए खेत के पास एक छोटी झोपड़ी बना रखी था। झोपड़ी को लेकर पहले भी जमींदार से विवाद हो चुका था। गवाहों ने बताया कि घटना वाले दिन सरफराज निजामानी ने कैलाश को पास से दो गोली मारी, जिससे कैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया।

एक्टिविस्ट्स ने बताया निर्मम हत्या

इस घटना की पुष्टि करते हुए हिंदू अधिकार कार्यकर्ता शिव कच्छी ने हत्या को क्रूर और निर्मम बताया। X पर एक पोस्ट में कच्छी ने कहा कि कैलाश कोल्ही का खून न्याय की माँग करता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने बदीन में उपायुक्त कार्यालय के बाहर होने वाले विरोध प्रदर्शन के लिए पूर्ण समर्थन की घोषणा की और कहा कि अल्पसंख्यक अधिकार संगठन पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के सदस्य बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे।

कच्छी ने कहा कि यह महज एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि सिंध में अल्पसंख्यकों की मानवता, न्याय और बुनियादी सुरक्षा पर सीधा हमला है। उन्होंने आगे कहा कि दोषियों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

परिवार ने की न्याय और सुरक्षा की माँग

कैलाश कोल्ही के परिवार, जिनमें उनकी पत्नी, छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता शामिल हैं, ने भी न्याय की माँग करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया है। उन्होंने सरफराज निजामानी की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या और आतंकवाद के आरोपों के तहत मामला दर्ज करने और परिवार की पूर्ण सुरक्षा की माँग की है। परिजनों ने कहा कि उन्हें और धमकियों और दबाव का डर है और उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा की अपील की है।

सिंध में बढ़ रहा विरोध प्रदर्शन

इस हत्या के बाद सिंध भर में तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू समूहों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रांतीय और संघीय सरकारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं। उनका कहना है कि यह हत्या एक व्यापक पैटर्न को दर्शाती है जहाँ गरीब अल्पसंख्यक श्रमिकों को शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा निशाना बनाया जाता है और उन्हें न्याय से वंचित किया जाता है।

स्थानीय मीडिया आउटलेट सिंध रेनेसां ने बताया कि सिंध के ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएँ पहली बार नहीं है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि गिरफ्तारी और जाँच में देरी से अल्पसंख्यकों में डर बढ़ता है और हिंसा को बढ़ावा मिलता है।

विरोध प्रदर्शनों के बीच हिंदुओं ने सिंध में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कैलाश कोल्ही को न्याय दिलाने और पाकिस्तान में हिंदुओं के उत्पीड़न को समाप्त करने के लिए आपातकालीन कदम उठाने की माँग कर रहे हैं।