जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन से घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सांबा-राजौरी-पुंछ में हाई अलर्ट पर सेना: काउंटर-ड्रोन कार्रवाई से लौटाए UAV

जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश को भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए घुसपैठ की कोशिश को भारतीय सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए विफल कर दिया। रविवार (11 जनवरी 2026) की शाम जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों के कई इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

नौशेरा-राजौरी समेत कई सेक्टरों में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के नौशेरा-राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान सेना के कई ड्रोन देखे गए। भारतीय सेना के जवानों ने तुरंत काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) उपाय अपनाए, जिससे ड्रोन भारतीय सीमा में कुछ देर मंडराने के बाद वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार (12 जनवरी 2026) की शाम करीब 6.35 बजे राजौरी जिले के गणिया-कलसियाँ गाँव के ऊपर ड्रोन की गतिविधि दिखते ही सेना ने मध्यम और हल्की मशीनगनों से फायरिंग की। इसी दौरान टेरयाथ इलाके के खब्बर गाँव, कलाकोट के धर्मसाल गाँव और आगे भराख की ओर भी ड्रोन मूवमेंट देखा गया। ड्रोन में ब्लिंकिंग लाइट नजर आई, जिससे इसकी पहचान और ट्रैकिंग की गई।

हाई अलर्ट, सर्च ऑपरेशन और ड्रोन से हथियार गिराने की साजिश

ड्रोन की घुसपैठ की कोशिशों के बाद सुरक्षा बलों ने अग्रिम इलाकों में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ये संदिग्ध ड्रोन्स पाकिस्तान की ओर से आए थे और भारतीय सेना की सतर्क कार्रवाई के चलते किसी भी तरह की साजिश को अंजाम नहीं देने दिया गया।

गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार (9 जनवरी 2026) की रात को सांबा जिले के घगवाल क्षेत्र के पालोरा गाँव में एक पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा गिराई गई हथियारों की खेप बरामद हुई थी। इस खेप में दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड शामिल था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान लगातार ड्रोन के जरिए जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारतीय सुरक्षा बल उसकी हर साजिश को मुँहतोड़ जवाब दे रहे हैं। फिलहाल पूरे जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और चौकसी और कड़ी कर दी गई है।