छत्तीसगढ़ के कांकेर में सामूहिक घर वापसी, 50+ परिवारों के 200+ लोग ईसाइयत छोड़कर सनातन में लौटे: कहा- लालच देकर कराया गया था धर्मांतरण

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार (18 जनवरी 2026) को पीढ़ापाल क्षेत्र में अलग–अलग गाँवों से आए 200 से अधिक लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल सनातन धर्म में सामूहिक रूप से वापसी की। यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में, समाज की सहमति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। घर वापसी करने वालों का कहना है कि पहले उन्हें बीमारी ठीक करने और अन्य लालच देकर धर्मांतरण कराया गया था, लेकिन अब आत्ममंथन के बाद उन्होंने अपने मूल धर्म को अपनाया है।

छह गाँवों के 50 से अधिक परिवार हुए शामिल

पीढ़ापाल, धनतुलसी, मोदे, साल्हेभाट, किरगापाटी और तरांदुल गाँवों के 50 से अधिक परिवारों ने आपसी समझ और सामाजिक विमर्श के बाद घर वापसी का निर्णय लिया। बताया गया कि यह फैसला किसी दबाव या टकराव का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे संवाद और बैठकों के बाद लिया गया। आयोजन के दौरान आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में समाज प्रमुख और ग्रामीण एकत्रित हुए।

मंदिर परिसर में पारंपरिक विधि से आयोजन

घर वापसी का कार्यक्रम पीढ़ापाल गाँव में मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। यहाँ पूजा-अर्चना, गंगाजल छिड़काव और पारंपरिक संस्कारों के माध्यम से लोगों को विधिवत रूप से सनातन धर्म में शामिल किया गया। कार्यक्रम में ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि, समाज के वरिष्ठजन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।

प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही। सर्व आदिवासी समाज के सदस्य ईश्वर कांवड़े ने बताया कि पीढ़ापाल गाँव में 25 गाँवों के समाज प्रमुखों, गायता, पटेल और समाजजनों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

उन्होंने कहा कि 50 परिवारों के 200 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से मूल धर्म में वापसी की है। कांवड़े के अनुसार, क्षेत्र के 3-4 परिवार अभी शेष हैं, वे भी जल्दी घर वापसी कर सकते हैं।