केरल सुसाइड केस में नया मोड़, शिमजिता मुस्तफा ने रिकॉर्ड किए थे 7 वीडियो: पहले ने ही ले ली दीपक की जान

केरल में यू दीपक के आत्महत्या मामले में पुलिस ने कुन्नमंगलम कोर्ट को बताया है कि वडकारा की रहने वाली शिमजिता मुस्तफा ने निजी बस यात्रा के दौरान गोविंदापुरम निवासी दीपक के 7 वीडियो रिकॉर्ड किए थे। पुलिस के अनुसार, बाद में यही वीडियो दीपक की मौत तक पहुँचने वाली घटनाओं में अहम वजह बने। आरोपित शिमजिता मुस्तफा मुस्लिम लीग से जुड़ी हुई है।

पुलिस द्वारा दाखिल रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि शिमजिता मुस्तफा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बुधवार (21 जनवरी 2026) को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दीपक भारी मानसिक दबाव में आ गया था।

पुलिस ने बताया कि वीडियो के बार-बार शेयर होने से दीपक गहरे तनाव में चले गए क्योंकि उन्हें डर था कि लोग उन्हें अपराधी के रूप में देखने लगेंगे। इसी मानसिक पीड़ा के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली। दीपक की मौत से पहले शिमजिता ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें उसने दावा किया था कि बस में दीपक ने उसके साथ ‘गलत व्यवहार’ किया।

पुलिस ने निकाला बस का सीसीटीवी फुटेज

पुलिस ने उस निजी बस के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जिसमें वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे। फुटेज में साफ दिखा कि दीपक और शिमजिता अलग-अलग बस में चढ़े और यात्रा के दौरान कोई असामान्य घटना नहीं हुई। वीडियो में यह भी देखा गया कि दोनों शांतिपूर्वक बस से उतर गए।

बस के चालक और कंडक्टर ने भी बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने किसी तरह की यौन उत्पीड़न की घटना नहीं देखी और दोनों यात्रियों के उतरने के समय भी कोई समस्या नहीं हुई। रिमांड रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बस में कथित रूप से परेशान करने वाले अनुभव का दावा करने के बावजूद शिमजिता ने न तो वडकारा और न ही पय्यन्नूर पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने कहा कि उसके मोबाइल फोन की विस्तृत फॉरेंसिक जाँच की जानी है, जिससे उसके डिलीट किए गए इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट्स को रिकवर करने में मदद मिल सकती है। जाँच एजेंसियों ने अभी तक उस समय बस में मौजूद अन्य यात्रियों के बयान दर्ज नहीं किए हैं। बस का नाम ‘अल अमीन’ बताया गया है। पुलिस का कहना है कि इन यात्रियों के बयान जाँच के लिए बेहद अहम होंगे।

अरीकोड पंचायत की सदस्य रह चुकी है शिमजिता

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिमजिता मुस्तफा एजुकेटेड है, उसके पास पोस्टग्रेजुएट डिग्री है और वह पहले अरीकोड पंचायत की सदस्य भी रह चुकी है। पुलिस के अनुसार, वह पूरी तरह जानती थी कि इस तरह के वीडियो सार्वजनिक करने से किसी व्यक्ति को गंभीर मानसिक नुकसान हो सकता है और वह कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

सोशल मीडिया पर साझा किया गया वीडियो तेजी से वायरल हुआ और दो दिनों के भीतर ही उसे 20 लाख से ज्यादा व्यूज मिल गए। दीपक की मौत के बाद उसकी माँ के कन्याका ने जिला पुलिस प्रमुख से शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि उनके बेटे की मौत उसके खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों से पैदा हुई मानसिक पीड़ा के कारण हुई।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के लिए संपर्क करने पर शिमजिता छिप गई थी और बाद में उसे एक रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया गया। मामले की जाँच अभी जारी है।