पूरा देश 26 जनवरी 2025 को 77वें गणतंत्र दिवस का उत्सव मना रहा है। नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर भी परेड शुरू हो गई है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ऐतिहासिक बग्गी में कर्तव्य पथ पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी परेड स्थल पहुँच गए हैं, यहाँ उन्होंने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 10.30 बजे कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करके 21 तोपों की सलामी दी गई, जो स्वदेशी रूप से विकसित तोपखाना हथियार प्रणाली है। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IAF ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया। इसके बाद परेड कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
77th #RepublicDay🇮🇳| दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ और 105 mm लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल करके 21 तोपों की सलामी दी गई, जो स्वदेशी रूप से विकसित तोपखाना हथियार प्रणाली है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 26, 2026
(सोर्स: डीडी) pic.twitter.com/47cwu8NV7d
इस साल की परेड ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने की थीम पर आधारित रहेगी। 90 मिनट की इस परेड में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, झाँकियाँ, सार्वजनिक प्रतियोगिताओँ और जनसंपर्क पहल को दर्शाया जाएगा। इसके भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम का दृश्य भी देखा जाएगा। इस बार का खास आकर्षण भारतीय सेना का ‘चरणबद्ध युद्ध संरचना’ रहेगा, जिसमें ड्रोन, टैंक और तोपखाने को प्रदर्शित कर युद्ध के हालात को दर्शाया जाएगा। इसके साथ ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई को लेकर झाँकी भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगी।

