देश ने आज पूरे गौरव और गरिमा के साथ 77वाँ गणतंत्र दिवस मनाया। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, तकनीकी क्षमता, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक एक साथ देखने को मिली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, राष्ट्रगान हुआ और 21 तोपों की सलामी के साथ समारोह की शुरुआत हुई। इस आयोजन में तीनों सेनाओं, अर्धसैनिक बलों, झाँकियों और वायुसेना के फ्लाई-पास्ट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
करीब 90 मिनट तक चली भव्य परेड में विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की 30 चयनित झांकियों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान थल, जल और नभ, तीनों सेनाओं ने अपनी सैन्य क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। परेड में राफेल, जगुआर, मिग-29 और सुखोई सहित कुल 29 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया और ‘सिंदूर’, ‘वज्रांग’, ‘अर्जन’ और ‘प्रहार’ जैसे आकर्षक फॉर्मेशन बनाए।
#WATCH | President #DroupadiMurmu unfurled the National Flag at Kartavya Path in Delhi, followed by the National Anthem and a thunderous 21-gun salute using 105 mm Light Field Guns, an indigenously developed artillery system.
— DD News (@DDNewslive) January 26, 2026
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सैन्य शक्ति का प्रदर्शन: जमीन से आसमान तक भारत की ताकत
परेड में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल किए गए इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल कमांड सेंटर की झाँकी आकर्षण का केंद्र रही, जिसने आधुनिक युद्ध संचालन की भारत की क्षमता को दर्शाया। इसके साथ ही स्वदेशी और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियाँ परेड मार्ग से गुजरीं।
धनुष गन सिस्टम, ATAGS, सूर्यास्त्र रॉकेट सिस्टम, सुपरसोनिक ब्रह्मोस, आकाश और MRSAM मिसाइल सिस्टम ने भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता और मजबूत वायु रक्षा को दिखाया। T-90 भीष्म और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंकों के साथ-साथ अपाचे और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टरों की मौजूदगी ने जमीनी और हवाई शक्ति का संतुलित प्रदर्शन किया।
तीनों सेनाएँ, अग्निवीर और हिम योद्धा बने आकर्षण
थलसेना, नौसेना और वायुसेना के मार्चिंग दस्तों ने अनुशासन और समन्वय का शानदार उदाहरण पेश किया। विभिन्न रेजिमेंट्स, जॉइंट मिलिट्री बैंड और मिक्स्ड टुकड़ियों ने कदमताल की।विशेष आकर्षण रहा हिम योद्धा दस्ता, जिसमें ऊंट, जांस्कर टट्टू, प्रशिक्षित शिकारी पक्षी और स्वदेशी नस्ल के सैन्य कुत्ते शामिल थे, जो आधुनिक उपकरणों से लैस नजर आए।
#RepublicDay2026 | During the 2026 Republic Day parade at Kartavya Path, the Indian Army debuted a unique animal contingent called Him Yodha, which showcased the vital role of service animals in high-altitude and extreme terrains.
— WION (@WIONews) January 26, 2026
HIM Yodha, Bactrian Camel, Zaniskari pony, black… pic.twitter.com/sVAbxYYxNk
अग्निवीरों की भागीदारी ने युवाशक्ति की मौजूदगी को रेखांकित किया, जिसमें पहली बार महिला अग्निवीर संगीतकारों ने भी प्रस्तुति दी।
नौसेना की विरासत से लेकर आत्मनिर्भर भविष्य तक
भारतीय नौसेना की झाँकी में प्राचीन समुद्री परंपरा और आधुनिक सामरिक शक्ति का संगम देखने को मिला। 5वीं शताब्दी के सिले हुए जहाज से प्रेरित INSV कौंडिन्य से लेकर स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत, स्टील्थ फ्रिगेट्स और पनडुब्बियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही सैन्य संचार उपग्रह और अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म्स ने भारत की समुद्री सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता को उजागर किया।
आसमान में गर्जना और वैश्विक सहभागिता का संदेश
वायुसेना के 29 विमानों ने फ्लाई-पास्ट कर परेड को रोमांचक बना दिया। राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर विमानों की विशेष फॉर्मेशन ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।
77th #RepublicDay🇮🇳 | Delhi: Visuals of the Vijay formation. The formation consists of a Rafale aircraft flying at 900 kmph, maintaining 300m AOL over the water channel North of Rajpath. The aircraft then climbs for a vertical Charlie manoeuvre.
— ANI (@ANI) January 26, 2026
(Source: DD) pic.twitter.com/301kL0AkUb
Mi-17 हेलिकॉप्टरों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए पुष्पवर्षा की जबकि पैराट्रूपर्स की लैंडिंग ने साहस और कौशल का परिचय दिया। इस वर्ष परेड की अंतरराष्ट्रीय छवि भी मजबूत रही। यूरोपीय संघ के सैन्य दल की भागीदारी और मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय नेतृत्व की मौजूदगी ने भारत की वैश्विक साझेदारी को रेखांकित किया।

