‘हिंदू स्कूलों में पढ़ने से मुस्लिम लड़कियों का ईमान खतरे में’: मुजफ्फरनगर के मदरसा जलसे में मौलाना के बिगड़े बोल, आधुनिक स्कूली शिक्षा का भी किया विरोध

मुजफ्फरनगर में हिंदू स्कूलों के खिलाफ जहर उगलने वाले मौलाना मुमसाद ने पुलिस की सख्ती और चौतरफा दबाव के बाद अब सार्वजनिक रूप से माफी माँग ली है। मदरसा जलसे का वीडियो वायरल होने और जाँच शुरू होने के बाद मौलाना ने अपना बयान वापस लेते हुए खुद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया है।

मौलाना मुमसाद ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था और वे देश की एकता के पक्षधर हैं। इससे पहले, मौलाना मुमसाद ने शाहपुर के मदरसा महमूदिया में आयोजित जलसे के दौरान कहा था कि हिंदू स्कूलों में पढ़ने से मुस्लिम बच्चे ‘मुशरिक’ (बहुदेववादी) बन रहे हैं और उनका ईमान खतरे में है।

मौलाना मुमसाद ने मुस्लिम माता-पिता से अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों से निकालने की अपील की थी। इस बयान के बाद हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी और पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जाँच तेज कर दी थी। एफडी इस्लामिया इंटर कॉलेज चलाने वाले मौलाना ने अब विवाद बढ़ता देख अपने शब्दों को वापस ले लिया है।