गुजरात के नडियाद के दीनशा पटेल नर्सिंग कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र जय विजयकुमार पाटिल (21) ने सोमवार (2 फरवरी 2026) को अपने घर में फाँसी लगाकर जान दे दी। जय ने महज तीन महीने पहले ही इस कोर्स में दाखिला लिया था। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें जय ने अपनी माँ को संबोधित करते लिखा कि ‘सॉरी मॉम, मैं थक गया हूँ, मैडम मुझे दोष दे रही हैं।’
सुसाइड नोट में छलका बेगुनाही का दर्द
जय ने अपने नोट में लिखा कि उन पर एक महिला प्रोफेसर को ‘बॉडी शेम’ (शारीरिक टिप्पणी) करने का गलत आरोप लगाया गया था। जय ने लिखा कि उसे बिना किसी सबूत के फँसाया जा रहा है और अपमानित किया जा रहा है। जय ने साफ किया कि वह ऐसा इंसान नहीं था जो अपनी गलती की सजा न भुगते, लेकिन उसे उस बात के लिए दोषी ठहराया गया जो उसने की ही नहीं थी।
पिता के गंभीर आरोप: कॉलेज ने बनाया दबाव
जय के पिता, विजय पाटिल ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जय पिछले तीन दिनों से भारी तनाव और डिप्रेशन में था। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कॉलेज ने उन्हें बुलाकर धमकी दी थी कि अगर जय के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो उसे कॉलेज से निकाल दिया जाएगा (LC थमा दी जाएगी)। पिता का आरोप है कि टीचर्स ने उनके बेटे को अकेला कर दिया था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
कॉलेज प्रशासन की सफाई
दूसरी ओर, कॉलेज के प्रिंसिपल वीरेंद्र जैन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जय के खिलाफ अनुशासनहीनता की शिकायतें थीं और उसने तीन बार माफीनामा भी लिखा था। कॉलेज का कहना है कि उन्होंने जय की माँ के साथ मीटिंग कर उसे समझाने की कोशिश की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज ने एक हाई-लेवल जाँच कमेटी बनाई है। फिलहाल पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड्स और बयानों के आधार पर मामले की जाँच कर रही है।

