फ्रांस से 114 राफेल की डील पर मुहर जल्द, इमैनुएल मैक्रों के दौरे पर हो सकता है ₹3.25 लाख करोड़ का सौदा: 80% तक स्वदेशी सामान लगेंगे, Make in India को मिलेगी मजबूती

भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग एक बार फिर बड़े स्तर पर चर्चा में है। जल्द ही रक्षा मंत्रालय का सबसे अहम निर्णय लेने वाले बोर्ड डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) बैठक करेगा, जिसमें 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी मिलने की संभावना है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक फरवरी के दूसरे हफ्ते में होने वाली है और खास बात यह है कि इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी भारत आने वाले हैं।

बताया जा हा है कि प्रस्ताव सबसे पहले DAC में खरीद की जरूरत को मान्यता देने के लिए आएगा। अगर इसे हरी झंडी मिल गई, तो भारत फ्रांस से लगभग ₹3.25 लाख करोड़ के इस रक्षा सौदे को आधिकारिक रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाएगा। इस डील को रक्षा खरीद बोर्ड पहले ही मंजूरी दे चुका है और अब जरूरी मंजूरियों के लिए DAC का टिकट मिलना बाकी है।

इस रक्षा सौदे के तहत कुल 114 राफेल फाइटर जेट खरीदे जाएँगे। इन विमानों में से करीब 18 एयरक्राफ्ट तुरंत फ्रांस में आएँगे, जबकि बाकी की संख्या भारत में ही बनाए जाएँगे। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 80 फीसदी विमान भारत में बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।

अगर यह डील फाइनल होती है, तो भारतीय वायु सेना को 88 सिंगल सीटर और 26 डबल सीटर राफेल विमानों का बेड़ा मिलेगा। इन विमानों का निर्माण डसॉल्ट एविएशन के साथ भारतीय निजी कंपनियों की साझेदारी में होगा, जिससे तकनीक और रोजगार दोनों को फायदा मिलेगा।

यह निर्णय इसीलिए भी अहम है क्योंकि वायु सेना की मौजूदा शक्ति अपनी मंजूर-शुदा संख्या से काफी कम है। वर्तमान में IAF लगभग 30 स्क्वाड्रन ही चला पा रही है, जबकि जरूरत 42 स्क्वाड्रन की है। सुरक्षा माहौल को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए।

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 18 से 20 फरवरी 2026 के बीच भारत आ रहे हैं, जहाँ वे AI समिट में शामिल होंगे। इन दिनों में ही संभावित राफेल डील को अंतिम रूप देने की दिशा में गुणा-भाग और चर्चाएँ तेज होने की उम्मीद है।